नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने सियासी तीर चलाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने शनिवार को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी करते हुए 40 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया। राजधानी दिल्ली में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर आयोजित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की अहम बैठक के बाद इन नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई। इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य प्रभारी मनीष सिसोदिया ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान किया।
भगवंत मान फिर से धूरी सीट से ठोकेंगे ताल
पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरा भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धूरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। भगवंत मान वर्तमान में भी इसी सीट से विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने धूरी से प्रचंड जीत हासिल करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार दलवीर सिंह गोल्डी को 58,206 वोटों के भारी अंतर से हराया था। तब भगवंत मान को कुल 82,592 वोट मिले थे। संगरूर लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके मान जट्ट सिख समुदाय से आते हैं। अरविंद केजरीवाल पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव भगवंत मान के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
37 विधायकों पर जताया भरोसा, 3 हारी हुई सीटों पर भी उतारे प्रत्याशी
आम आदमी पार्टी की पहली सूची की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पार्टी ने अपने 37 मौजूदा विधायकों पर दोबारा भरोसा जताया है और उन्हें रिपिट किया है। वहीं, बची हुई 3 सीटें वे हैं जहां 2022 के चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। पहली सूची में जिन प्रमुख चेहरों को टिकट दिया गया है, उनमें लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा, अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, तरनतारन से हरमीत सिंह संधू, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा और फतेहगढ़ साहिब से लखबीर सिंह राय का नाम शामिल है।
मोगा सीट से डॉ. अमनदीप कौर पर फिर दांव
पार्टी ने मोगा विधानसभा सीट से अपनी मौजूदा महिला विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को दोबारा चुनावी मैदान में उतारा है। पेशे से डॉक्टर अमनदीप कौर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए मशहूर अभिनेता सोनू सूद की बहन और कांग्रेस प्रत्याशी मालविका सूद को 20,915 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। गौरतलब है कि पहली सूची में फिलहाल राज्य सरकार के किसी भी कैबिनेट मंत्री का नाम शामिल नहीं किया गया है।
समय से पहले प्रत्याशी उतारकर विपक्ष के नैरेटिव पर करारा प्रहार
आचार संहिता लागू होने और आधिकारिक चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा से काफी पहले प्रत्याशी घोषित करने के पीछे आम आदमी पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति है। पार्टी अपने उम्मीदवारों को उनके क्षेत्रों में प्रचार करने और जनता के बीच पैठ मजबूत करने का पूरा समय देना चाहती है। इसके साथ ही, पंजाब में विपक्ष लगातार यह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था कि आम आदमी पार्टी की सत्ता में वापसी मुश्किल है। विपक्ष के इसी नैरेटिव को ध्वस्त करने के लिए AAP ने अपने बड़े चेहरों और लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाले कद्दावर नेताओं को पहली सूची में टिकट थमाया है। पार्टी ने इस कदम से स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे विरोधी खेमे के किसी भी प्रचार की परवाह नहीं है और वह पंजाब में दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।



















