बरेली में सनसनीखेज मामला: फरीदपुर में युवक का प्राइवेट पार्ट काटे जाने से मचा हड़कंप, किन्नरों पर लगे गंभीर आरोप

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र से एक हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम युवक का प्राइवेट पार्ट काटे जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। युवक के परिजनों ने किन्नरों पर जबरन किन्नर बनाने की नीयत से उसका प्राइवेट पार्ट काटने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने युवक का मेडिकल परीक्षण कराया है, जिसमें उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट और कटने की पुष्टि हुई है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जबकि युवक खुद इस घटना को जबरदस्ती किए जाने से इनकार कर रहा है।

दो साल से किन्नर के संपर्क में था युवक, रहन-सहन में आ गया था बदलाव

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक कैंट थाना क्षेत्र का रहने वाला है और पिछले करीब दो साल से फरीदपुर क्षेत्र के एक किन्नर के संपर्क में था। इस संगति के असर से धीरे-धीरे युवक का रहन-सहन और तौर-तरीके पूरी तरह बदलने लगे थे। बताया जा रहा है कि उसने अपने बाल बढ़ा लिए थे और लड़कियों की तरह कपड़े पहनने लगा था। उसके बदले हुए हाव-भाव और पहनावे को देखकर परिवार के लोग पहले से ही काफी चिंतित रहने लगे थे। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश या मंशा के तहत किन्नरों ने उसे जबरन किन्नर बनाने की नीयत से उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया।

घाव पर लगाए गए थे टांके, परिजनों को ऐसे लगी भनक

आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद युवक के घाव पर सावधानीपूर्वक टांके भी लगा दिए गए थे, जिसके कारण शुरुआत में परिवार को इस खौफनाक कृत्य की जानकारी नहीं हो सकी। हालांकि, जब परिजनों को इसकी भनक लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वे तुरंत युवक को लेकर सीधे थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा।

सीएचसी में मेडिकल परीक्षण, डॉक्टरों ने किया जिला अस्पताल रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के अनुसार, युवक को अस्पताल पहुंचने से करीब चार से पांच घंटे पहले ही चोट लगी थी। मेडिकल जांच के दौरान उसके प्राइवेट पार्ट पर कटने का गहरा घाव मिला। घाव की सिलाई और स्थिति को देखकर डॉक्टरों ने आशंका जताई कि यह काम किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे सर्जिकल प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी हो। सीएचसी में डॉक्टरों ने दोबारा टांके लगाकर प्राथमिक इलाज किया और उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस जांच में उलझा मामला: परिजन और युवक के बयानों में विरोधाभास

इस पूरे मामले में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मोड़ यह भी सामने आया है कि पीड़ित युवक खुद अपने साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती किए जाने की बात से साफ इनकार कर रहा है। एक तरफ जहां उसके परिजन इसे जबरन किन्नर बनाने की घिनौनी कोशिश बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग कर रहे हैं, वहीं युवक के बयान इसके उलट हैं। सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस युवक के बयानों, परिजनों के गंभीर आरोपों और घटनास्थल से जुड़े सभी तकनीकी व चिकित्सीय पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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