
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच परमाणु हमले की आशंकाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इस बीच ईरान ने अपने नागरिकों के लिए परमाणु विस्फोट और रेडियोधर्मी विकिरण से बचाव के तरीके बताए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने 29 अक्टूबर को एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की। इसके साथ करीब आठ मिनट का एक जागरूकता वीडियो भी साझा किया गया है।
इस वीडियो में बताया गया है कि परमाणु विस्फोट होने की स्थिति में लोगों को कहां शरण लेनी चाहिए, रेडियोधर्मी कणों से कैसे बचना है और विस्फोट के बाद फैलने वाले रेडियोधर्मी पदार्थों यानी ‘फॉलआउट’ से खुद को कैसे सुरक्षित रखना है।
एडवाइजरी में नागरिकों को घरों के अंदर रहने, बेसमेंट या इमारत के बीच वाले कमरे में शरण लेने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही ऐसे एयर कंडीशनर और वेंटिलेशन सिस्टम बंद करने को कहा गया है, जो बाहर की हवा को अंदर लाते हैं।
मिस्र और सऊदी अरब के मीडिया ने भी बताई सावधानियां
ईरान की एडवाइजरी की जानकारी मिस्र और सऊदी अरब के मीडिया संस्थानों ने भी प्रकाशित की है। इनमें संभावित परमाणु हमले के बाद कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित स्थान पर रहने की तैयारी करने की सलाह दी गई है। लोगों को पैकेटबंद भोजन और बोतलबंद पानी रखने तथा वाहनों के अंदर शरण लेने से बचने को कहा गया है।
ईरानी आपातकालीन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेडियोधर्मी कण हवा के साथ दूर तक फैल सकते हैं। ऐसे में विस्फोट के केंद्र से काफी दूर रहने वाले लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए लोगों को स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन एजेंसियों की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
परमाणु विस्फोट के चार बड़े खतरे बताए
ईरान की एडवाइजरी में परमाणु विस्फोट से पैदा होने वाले चार प्रमुख खतरों का जिक्र किया गया है। इनमें तेज रोशनी, विस्फोट की शक्तिशाली लहर, अत्यधिक गर्मी और रेडियोधर्मी पदार्थों का फैलना शामिल है।
इस्फहान रेड क्रिसेंट सोसाइटी में शिक्षा और अनुसंधान के उप-निदेशक इब्राहिम अदेलजादेह ने लोगों को मजबूत इमारतों में शरण लेने की सलाह दी है। उन्होंने IRNA से कहा कि अगर सुरक्षित तरीके से पहुंचना संभव हो, तो इमारत का बेसमेंट या खिड़कियों से दूर स्थित बीच का कमरा शरण लेने के लिए उपयुक्त हो सकता है।
लोगों को दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के साथ ऐसे AC और वेंटिलेशन सिस्टम बंद करने को कहा गया है, जो बाहर की हवा को अंदर पहुंचाते हैं।
सऊदी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को यह भी चेताया गया है कि 24 घंटे बीतने के बाद अपने आसपास के वातावरण को अपने आप सुरक्षित न मानें। सुरक्षित स्थान से बाहर निकलने से पहले आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करना जरूरी है।
विस्फोट के समय खुले में हों तो क्या करें?
ईरानी अधिकारियों ने उन लोगों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो परमाणु विस्फोट के समय खुले स्थान पर मौजूद हों और तुरंत किसी इमारत में नहीं पहुंच सकते।
- परमाणु विस्फोट की तेज चमक को सीधे न देखें।
- जमीन से सटकर लेट जाएं और किसी मजबूत आड़ के पीछे छिपने की कोशिश करें।
- अपने सिर और चेहरे को ढककर सुरक्षित रखें।
- विस्फोट की शुरुआती लहर गुजरने के बाद जल्द से जल्द किसी मजबूत इमारत के अंदर चले जाएं।
- विस्फोट देखने, उसकी तस्वीरें लेने या खुले में रुकने से बचें।
- वाहन को सुरक्षित आश्रय न मानें।
मिस्र के मीडिया संस्थान सदा अल-बलद की रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी इमारत में आग लग जाए या उसके गिरने का खतरा हो, तो वहां से निकलकर किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर जाना चाहिए।
पिकएक्स माउंटेन पर संभावित अमेरिकी हमले से जुड़ी आशंकाएं
ईरान की यह एडवाइजरी ऐसे समय सामने आई है, जब उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी पिकएक्स माउंटेन साइट को लेकर अमेरिका के संभावित हमले की चर्चा हो रही है। नतान्ज के पास स्थित यह परमाणु-संबंधी ठिकाना जमीन के काफी नीचे बनाया गया है।
16 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन इस पहाड़ को निशाना बना सकता है। हालांकि, उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को पूरी तरह खारिज किया था।
वहीं, अमेरिकी पत्रकार और टिप्पणीकार टकर कार्लसन ने सोमवार को आरोप लगाया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, ट्रंप पर पिकएक्स माउंटेन पर परमाणु हमला करने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रेडियोधर्मी कण दूर तक फैले तो पाकिस्तान और भारत तक हो सकता है असर
ईरान की एडवाइजरी में रेडियोधर्मी कणों के हवा के जरिए दूर तक फैलने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। इब्राहिम अदेलजादेह के मुताबिक, विस्फोट वाली जगह से काफी दूर मौजूद लोगों को भी आधिकारिक चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्हें अपने घर और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़े फैसले जिम्मेदार अधिकारियों की सलाह के आधार पर लेने चाहिए।
एडवाइजरी में यह आशंका भी जताई गई है कि अगर हवा रेडियोधर्मी कणों को पूर्व दिशा में ले जाती है, तो उनका प्रभाव पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। हालांकि, ऐसा होना हवा की दिशा, मौसम और रेडियोधर्मी पदार्थों के फैलाव जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
रेडियोधर्मी धूल के संपर्क में आने पर क्या करें?
ईरानी अधिकारियों ने रेडियोधर्मी धूल के संपर्क में आने की आशंका होने पर कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
- बाहर पहने हुए कपड़ों को सावधानी से उतारकर सीलबंद थैली में रखें।
- त्वचा और बालों को गुनगुने पानी तथा साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
- नहाना संभव न हो तो गीले वाइप्स से त्वचा साफ करें।
- खाने-पीने के लिए पैकेटबंद भोजन और बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें।
एडवाइजरी में रेडिएशन से जुड़ी कुछ आपातकालीन स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का भी उल्लेख है। इस्फहान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विस के प्रवक्ता अब्बास आबेदी ने खास तौर पर आयोडीन की गोलियां खुद से लेने के खिलाफ चेतावनी दी है।
उन्होंने IRNA को बताया कि कुछ विशेष परिस्थितियों में स्टेबल आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि में रेडियोधर्मी आयोडीन के अवशोषण को कम कर सकता है। लेकिन यह शरीर को दूसरे रेडियोधर्मी पदार्थों या परमाणु विस्फोट से निकलने वाले सभी प्रकार के विकिरण से नहीं बचाता।
वीडियो में ‘प्रशियन ब्लू’ नाम की दवा का भी जिक्र किया गया है। इसका इस्तेमाल कुछ विशेष मामलों में शरीर के अंदर पहुंचे रेडियोधर्मी सीजियम-137 को बाहर निकालने में मदद के लिए किया जाता है।
ईरान की यह एडवाइजरी परमाणु हमले की आशंकाओं के बीच नागरिकों को आपात स्थिति के लिए तैयार करने की कोशिश मानी जा रही है। हालांकि, एडवाइजरी जारी होने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने परमाणु हमले का फैसला कर लिया है। फिलहाल पिकएक्स माउंटेन को लेकर सामने आ रहे दावों और बयानों के बीच क्षेत्रीय तनाव पर दुनिया की नजर बनी हुई है।