उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए साल 2026 का अक्टूबर का महीना बेहद खौफनाक और भयावह साबित हुआ है। इस एक ही महीने के भीतर राजधानी में मर्डर की चार ऐसी सनसनीखेज वारदातें सामने आईं, जिन्होंने पूरे जनमानस को थर्रा कर रख दिया। इन जघन्य हत्याकांडों में से कुछ के तार राज्य की कई बड़ी हस्तियों के साथ जुड़ते हुए देखे जा रहे हैं, जिसके चलते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इन पर खुलकर चर्चा करने या कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। पूरे महीने के दौरान घटी इन चार अलग-अलग खूनी वारदातों में कुल 7 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
1. अवध ग्रीन अपार्टमेंट कांड: करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत
अक्टूबर महीने में राजधानी को दहलाने वाली खूनी वारदातों का सिलसिला हजरतगंज इलाके से शुरू हुआ। 9 अक्टूबर 2026 की रात अवध ग्रीन अपार्टमेंट में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
-
नाटकीय तरीके से हुई गिरफ्तारियां: इस बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी गर्लफ्रेंड श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर दानिश और एक्स बॉयफ्रेंड आमिर को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
-
नेपाल से नागपुर तक लुकाछिपी: वारदात को अंजाम देने के बाद श्रद्धा दुबे अपनी बहन और ड्राइवर के साथ नेपाल फरार हो गई थी। 11 दिनों तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार यूपी एसटीएफ (STF) ने उसे नागपुर से नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया। इस पूरे मामले में कई रसूखदार हस्तियों के नाम सामने आने और पुलिस के ढीले रवैये को लेकर शासन-प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई।
2. कृष्णा नगर में डबल मर्डर: गृह क्लेश में ली पत्नी और मासूम बेटी की जान
9 अक्टूबर की ही खौफनाक रात को लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां पारिवारिक कलह और गृह क्लेश के भयानक रूप लेने के कारण एक व्यक्ति ने अपनी ही धर्मपत्नी और मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मौके से अरेस्ट कर जेल भेज दिया, और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
3. सआदतगंज का ट्रिपल मर्डर: पार्किंग के विवाद में 3 लोगों को गोलियों से भूना
यह अक्टूबर महीने का सबसे विभत्स और रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड साबित हुआ। सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला में महज कार खड़ी करने जैसे मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया।
-
अंधाधुंध 8-10 राउंड फायरिंग: मर्चेंट नेवी में कार्यरत अफसर ऋषभ ने आपा खोते हुए अपने पड़ोस में रहने वाले शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश तिवारी पर ताबड़तोड़ 8 से 10 राउंड गोलियां बरसा दीं।
-
आरएसएस से जुड़ाव और 8 आरोपी गिरफ्तार: इस अंधाधुंध गोलीबारी में तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक शिवाजी तिवारी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े होने के कारण यह मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
4. मुजम्मिल नगर में दूध विक्रेता रेहान का बेरहमी से कत्ल
राजधानी लखनऊ में हत्या का चौथा और आखिरी मामला 31 अक्टूबर 2026 की देर रात सामने आया। अंबेडकर पार्क के पास रहने वाले दूध विक्रेता रेहान की मुजम्मिल नगर निवासी उजैफा नामक युवक ने चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे शातिर आरोपी उजैफा को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ (एनकाउंटर) के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का इलाज कराने के बाद उसे माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

















