पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने (Stubble Burning) की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य प्रशासन और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की सख्त कार्रवाई जारी है. इसके बावजूद राज्य के खेतों में आग लगाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. पंजाब में अब तक पराली जलाने से जुड़े 31 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसने राज्य प्रशासन के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर की हवा और पर्यावरण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है.
सैटेलाइट ने पकड़ीं 3144 से ज्यादा घटनाएं, 1077 किसानों पर लगा 54 लाख का जुर्माना
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 6 नवंबर 2026 तक की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट सर्विलांस के जरिए पंजाब भर में पराली जलाने की कुल 3,144 घटनाएं सीधे तौर पर दर्ज की गईं. इन सैटेलाइट इनपुट्स के आधार पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने 2,578 खेतों का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण किया, जिनमें से 1,160 स्थानों पर पराली में आग लगाने की पुष्टि हुई. नियमों का उल्लंघन करने पर 1,077 किसानों पर पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) लगाया गया है, जिसके तहत कुल 54 लाख 55 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया और अब तक 30 लाख 5 हजार रुपये की भारी वसूली की जा चुकी है.
795 मामलों में एफआईआर दर्ज, 931 किसानों की जमीनों पर ‘रेड एंट्री’
पराली जलाने पर सख्ती बरतते हुए प्रशासन ने 795 मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पर्यावरण कानूनों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. इसके अलावा, 931 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ (Red Entry) दर्ज की गई है, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं और कृषि ऋण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है; संबंधित फील्ड अधिकारियों को 1,073 चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं और 18 मामलों में विभागीय व कानूनी अभियोजन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
तरनतारन में सबसे ज्यादा 611 घटनाएं, पटियाला और फिरोजपुर का भी बुरा हाल
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब का तरनतारन जिला पराली जलाने के मामले में राज्य में सबसे ऊपर रहा है. तरनतारन में सबसे ज्यादा 611 घटनाएं दर्ज हुईं, जहां 301 जगहों पर खेतों में आग की पुष्टि के साथ 301 एफआईआर दर्ज की गईं और 15.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं फिरोजपुर में 410, संगरूर में 281 और अमृतसर में 231 घटनाएं दर्ज की गईं. पटियाला जिले में सैटेलाइट ने 183 घटनाएं पकड़ीं, जिनमें 69 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. पटियाला में 42 मामलों में एफआईआर दर्ज कर 50 किसानों पर 2.55 लाख का जुर्माना लगाया गया.
गौरतलब है कि पंजाब में कुल 32.87 लाख हेक्टेयर धान के रकबे में से लगभग 91.10 फीसदी क्षेत्र में कटाई का काम पूरा हो चुका है. कटाई के अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद खेतों से उठता धुंआ प्रशासन की तमाम तैयारियों और एनजीटी (NGT) के सख्त निर्देशों की प्रभावशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.



















