उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए संदिग्ध विस्फोट के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज नया मोड़ सामने आया है. शुक्रवार रात हुए ब्लास्ट के बाद अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक धमकी भरी पोस्ट सामने आई है. ‘गाजी 2’ नाम के एक एक्स अकाउंट से की गई इस पोस्ट में ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नामक संगठन की ओर से चौकी पर हमला करने और इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. हालांकि, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस वायरल पोस्ट की प्रामाणिकता की गहराई से जांच कर रही हैं और अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
‘गाजी 2’ अकाउंट की संदिग्ध पोस्ट और जांच एजेंसियों का एक्शन
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस पोस्ट के सामने आते ही पुलिस प्रशासन और साइबर सेल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं. ‘गाजी 2’ नाम के हैंडल से की गई इस पोस्ट में सीधे तौर पर वसुंधरा पुलिस चौकी को निशाना बनाने की बात कही गई है. गाजियाबाद पुलिस और साइबर क्राइम टीम इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि यह अकाउंट किस लोकेशन से ऑपरेट किया जा रहा है, इसे किसने बनाया है और इसमें किए गए दावों में कितनी सच्चाई है. फिलहाल पुलिस अधिकारियों की तरफ से इस आतंकी संगठन की सीधी भूमिका या पोस्ट की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
शुक्रवार रात कबाड़ यार्ड में हुआ था जोरदार ब्लास्ट
पूरे मामले की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुई, जब इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी परिसर के पिछले हिस्से में अचानक तेज धमाका हुआ. जिस जगह यह ब्लास्ट हुआ, वहां जब्त की गई कबाड़ गाड़ियां पार्क की जाती हैं. धमाका इतना तेज था कि पुलिस चौकी की खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए और मुख्य इमारत की दीवार में दरारें आ गईं. इस हादसे में वहां डिलीवरी देने पहुंचा एक डिलीवरी बॉय कांच के टुकड़ों की चपेट में आने से घायल हो गया था, जबकि हादसे के वक्त चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर भी मौजूद था.
आसपास सीसीटीवी न होना बनी चुनौती, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस के उच्च अधिकारी और फोरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे थे. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और केमिकल सैंपल एकत्र कर जांच के लिए आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे हैं. इस पूरे मामले की तफ्तीश में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह आ रही है कि जिस जगह ब्लास्ट हुआ, उसके आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है. हालांकि, पुलिस चौकी के मुख्य गेट पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि धमाके से पहले और बाद की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके. पुलिस अब फोरेंसिक रिपोर्ट और साइबर जांच के आधार पर मामले के हर पहलू को सुलझाने में लगी हुई है.



















