
नई दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा जिले के सीमापुरी थाना क्षेत्र में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। इदगाह मछली मंडी के पास एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के मलबे की चपेट में आसपास के दो से तीन मकान भी आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दो दर्जन से अधिक लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका सामने आई थी। हालांकि, अभी तक मलबे में वास्तव में कितने लोग फंसे हैं या कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी
हादसे की सूचना फायर विभाग को दोपहर करीब 3:30 से 3:31 बजे के बीच मिली। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दिल्ली पुलिस, फायर विभाग, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।
रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। उनका प्रयास मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। मौके पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
5-6 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, अब तक करीब 5-6 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम कुछ लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास जारी है।
भूकंप के बाद दरारों की बात सामने आई
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल में आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि इमारत कमजोर हुई होगी। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद यातायात प्रभावित
बहुमंजिला इमारत गिरने के कारण आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हादसे वाली जगह के आसपास रुकने, वाहन खड़ा करने या अनावश्यक भीड़ लगाने से बचें। इससे एंबुलेंस और राहत-बचाव टीमों के वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में आसानी होगी।
फिलहाल पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से हादसे में प्रभावित लोगों की स्थिति और इमारत गिरने के कारणों को लेकर आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।

















