ईसीआई और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़क पर उतरा जनसैलाब, जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षाबल तैनात; आंदोलनकारियों ने दी ‘2.0’ की चेतावनी

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक माहौल अचानक गरमा गया है। चुनाव आयोग (ECI) की कार्यशैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। शुक्रवार को दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के बाद अब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य प्रमुख संगठनों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर एक विशाल जनसभा का आह्वान किया है। विश्वविद्यालय परिसरों और सोशल मीडिया की डिजिटल सीमाओं को लांघकर यह असंतोष अब सीधे देश की सड़कों पर आमादा है।

जंतर-मंतर बना अभेद्य किला: RAF तैनात, पहचान पत्र जांच के बाद ही मिल रही एंट्री

शनिवार को होने वाले इस बड़े जमावड़े की आहट मिलते ही दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गई है। जंतर-मंतर और उसके आसपास के रणनीतिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बहुस्तरीय बैरिकेडिंग के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संसद मार्ग, जनपथ और अशोक रोड से जंतर-मंतर की ओर आने-जाने वाले हर शख्स की सघन चेकिंग की जा रही है। बिना वैध पहचान पत्र और स्पष्ट कारण के किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा रही है। केवल उन लोगों को छूट दी जा रही है जिनका निवास, दफ्तर या दैनिक कामकाज उस क्षेत्र में स्थित है।

सड़कों पर उतरे दिग्गज: छात्र और नागरिक संगठनों ने संभाली कमान

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जाने-माने सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कई प्रमुख एक्टिविस्ट कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हालिया चुनावों में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण, नाम जोड़े जाने या हटाए जाने की प्रक्रिया (SIR) में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। संयुक्त बयान जारी करते हुए इन संगठनों ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की साख पर उठ रहे सवाल सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए यह आंदोलन अब देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अनिवार्य हो चुका है।

महाराष्ट्र से बिहार तक उठ रहे सवाल, नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग

वामपंथी और सहयोगी संगठनों का कहना है कि बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से कोई पारदर्शी जवाब सामने नहीं आ रहा है। प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख मांगे हैं—पहला, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा और दूसरा, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक और पारदर्शी सुधार। योगेंद्र यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘लोकतंत्र और चुनाव आयोग को बचाने की लड़ाई’ करार देते हुए देश भर के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से इस मुहीम में शामिल होने की अपील की है।

मुंबई में भी गरमाया माहौल, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया ‘जंतर-मंतर 2.0’ का अल्टीमेटम

दिल्ली के साथ-साथ आर्थिक राजधानी मुंबई में भी विरोध की आंच पहुंच चुकी है। शुक्रवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए सीधे तौर पर अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर ‘2.0’ स्तर का अनिश्चितकालीन और विशाल आंदोलन शुरू किया जाएगा।

 

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