Durand Line पर अफगानिस्तान का बड़ा एक्शन: पाक की 15 चौकियां कब्जे में, सीमा पर बढ़ा तनाव

काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद अब एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा ‘डूरंड रेखा’ पर हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर घोषणा की है कि पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही लगातार उकसावे वाली गोलीबारी के जवाब में अब अफगान जांबाज मैदान में उतर चुके हैं। अफगान सेना ने सीमा पार कर न केवल जवाबी कार्रवाई की, बल्कि पाकिस्तानी सेना की 15 महत्वपूर्ण चौकियों पर अपना झंडा भी गाड़ दिया है।

लेजर हथियारों से पाकिस्तानी ठिकानों पर प्रहार

अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि इस बार पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने के लिए आधुनिक लेजर हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। तालिबान शासित अफगानिस्तान की सेना ने डूरंड लाइन के विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तानी चौकियों को नेस्तनाबूद कर दिया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना को संभलने का मौका दिए बिना अफगान लड़ाकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा जमा लिया है। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब पाकिस्तान ने हवाई हमलों के जरिए अफगान संप्रभुता को चुनौती दी थी।

इन इलाकों में पाकिस्तानी सेना को लगी भारी चपत

अफगान रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 203वीं ‘मंसूरी कोर’ और 201वीं ‘खालिद बिन वलीद कोर’ ने मिलकर इस बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया। अफगान सेना ने नंगरहार प्रांत के डोर बाबा जिले के नावो क्षेत्र में दो प्रमुख पोस्टों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसके अलावा, गुश्ते जिले के अनारगी क्षेत्र में तीन और कुनार नाराय जिले के डोकलाम क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण सैन्य चौकियों पर कब्जा किया गया है। कुल मिलाकर सीमावर्ती इलाकों की 15 पाकिस्तानी चौकियों से पाक सैनिकों को खदेड़ दिया गया है।

नागरिकों की मौत का बदला: अफगान संप्रभुता पर हुआ था हमला

अफगानिस्तान का कहना है कि यह आक्रामक रुख पाकिस्तान की उन हवाई कार्रवाइयों का नतीजा है, जिनमें अफगान आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। हाल ही में पाकिस्तानी वायुसेना ने नंगरहार और पकतीका प्रांतों में बमबारी की थी, जिसमें कई घरों, मदरसों और रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर किए गए हैं, लेकिन अफगानिस्तान ने इसे अपनी सीमा का उल्लंघन और निर्दोष नागरिकों की हत्या करार देते हुए युद्ध का बिगुल फूंक दिया।

डूरंड रेखा: विवाद की वह जड़ जो कभी नहीं सुलझी

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव का सबसे बड़ा कारण डूरंड रेखा ही है। अफगानिस्तान इस औपनिवेशिक काल की सीमा को कभी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता, जबकि पाकिस्तान इसे ही अंतिम सरहद मानता है। इसी खींचतान के चलते सीमा पर बाड़ लगाने और सैन्य चौकियों के निर्माण को लेकर अक्सर झड़पें होती रहती हैं। ताजा घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया के इस हिस्से में युद्ध के बादल और गहरे कर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।


 

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