यूपी में क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद प्रवासी श्रमिकों को मिलेंगे 1 हजार रुपये, प्रशासन ने मांगी सूची

लखनऊ
क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद अपने जिले के लिए रवाना किए जाने से पहले प्रवासी श्रमिकों को राशन के साथ ही अब एक हजार रुपये भी दिए जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रमिकों की मदद के लिए यह फैसला लिया गया है। शासन ने सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को 31 मई तक पात्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के बाद से देशभर के विभिन्न प्रांतों से प्रवासी श्रमिक अपने-अपने गृह जनपद लौट रहे हैं। अब तक प्रवासियों को 14 दिन तक शेल्टर होम में क्वारंटीन रखने के बाद राशन देकर घरों के लिए रवाना किया जाता था। 15 दिन तक होम क्वारंटीन भी रहना पड़ता है। वहीं अब प्रवासी श्रमिकों की संख्या बढ़ने पर मेडिकल चेकअप के बाद भोजन और पानी की व्यवस्था करवा सीधे घर के लिए रवाना कर दिया जाता है। इसके बाद होम क्वारंटीन की सलाह दी जाती है।

रोज कमाने खाने वालों को होम क्वारंटीन रहने के दौरान पेट भरने में समस्या आ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने राशन के साथ ही एक हजार रुपये देने की व्यवस्था की है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने हर प्रवासी श्रमिक की मदद को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। डीएम और मंडलायुक्त को 31 मई तक प्रवासी श्रमिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम के निर्देश पर सूची तैयार करवाई जा रही है।

जिला प्रशासन मुहैया करवाएगा राशन
प्रवासी श्रमिकों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। डीएम ही प्रवासी पात्र श्रमिकों की रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। डीएम की रिपोर्ट अंतिम मानते हहुए राजस्व विभाग की तरफ से मुहैया करवाई जाएगी। सभी प्रवासी श्रमिकों को राशन मुहैया करवाने का जिम्मा जिला प्रशासन का होगा। मंडलायुक्त व डीएम राशन राशन वितरण पर नजर रखेंगे। वहीं, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की तरफ से मदद मुहैया करवाई जाएगी।

बैंक खाते में भेजी जाएगी रकम
जिलाधिकारी तय करेंगे कि प्रवासी श्रमिक के बारे में दी गई जानकारी सही है या नहीं। इसके बाद सूची तैयार करके सीधे खाते में एक हजार रुपये भेजे जाएंगे। खाता न होने की स्थिति में पहले खाता खुलवाया जाएगा। पूरी योजना में गड़बड़ी पाए जाने पर जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।

राहत आयुक्त कार्यालय से होगी मॉनिटरिंग
लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए शासन स्तर पर राजस्व विभाग से अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। जिलाधिकारी की तरफ से भेजी गई सूची ही मान्य होगी। हालांकि लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि के विवरण से ग्राम्य विकास विभाग, नगर विकास विभाग श्रम विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय को अवगत करवाना होगा। राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट और प्रवासी राहत मित्र ऐप पर हर लाभार्थी का मोबाइल फोन नंबर फीड करना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच की जा सके।

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