गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने 9 साल पुराने एक बंद हो चुके केस को दोबारा खोलकर ‘सोनम रघुवंशी हत्याकांड’ जैसी ही एक और चौंकाने वाली मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझा ली है। जिस घटना को पुलिस और दुनिया नौ साल से एक ‘दुखद हादसा’ मान रही थी, वह असल में ठंडे दिमाग से की गई एक बेरहम हत्या थी, जिसे किसी और ने नहीं बल्कि महिला के पति ने ही अंजाम दिया था।
गुप्त सूचना ने खोला 9 साल पुराना दफन राज
अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच को करीब 9 साल बाद इस केस से जुड़ी एक बेहद अहम खुफिया और गुप्त जानकारी मिली। इसके बाद जब कड़ियों को जोड़ा गया, तो बंद हो चुकी फाइल के पीछे का खौफनाक सच बाहर आ गया। यह मामला जून 2017 का है, जब साबरमती रिवरफ्रंट से एक अज्ञात महिला की लाश बरामद हुई थी। उस वक्त पुलिस ने इसे दुर्घटनावश नदी में डूबने से हुई मौत (Accidental Death) मानकर फाइल को बंद कर दिया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
शादी के 4 महीने बाद ही शुरू हो गया था विवाद
पुलिस की ताजा पड़ताल में मृतका की पहचान कालूपुर की रहने वाली कोमलबेन सोलंकी के रूप में हुई है, जो जून 2017 में अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थीं। क्राइम ब्रांच ने जब पुराने गवाहों, टेक्निकल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला, तो इस पूरी साजिश के पीछे कोमलबेन के पति मिनेश दिनेशभाई सोलंकी का चेहरा सामने आया।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि शादी के महज 4 महीने बाद ही दोनों के बीच रोज-रोज के घरेलू झगड़े शुरू हो गए थे। बार-बार होने वाले इन विवादों से तंग आकर मिनेश ने अपनी ही पत्नी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का एक बेहद खतरनाक और शातिर प्लान तैयार किया।
रथ यात्रा के बहाने घुमाया, फिर देर रात साबरमती नदी में जिंदा फेंका
साजिश के मुताबिक, 25 जून 2017 को रथ यात्रा के पावन मौके पर आरोपी मिनेश अपनी पत्नी कोमलबेन को शहर घुमाने और त्योहार दिखाने के बहाने घर से बाहर ले गया। उसने पूरे दिन कोमलबेन को शहर की अलग-अलग जगहों पर घुमाया ताकि उस पर कोई शक न करे। इसके बाद, देर रात वह कोमलबेन को लेकर साबरमती रिवरफ्रंट के एक सुनसान हिस्से में पहुंचा। वहां बातों-बातों में उलझाकर मिनेश ने कोमलबेन को अचानक अपनी गोदी में उठाया और सीधे गहरी नदी में फेंक दिया। तैरना न जानने के कारण कोमलबेन पानी में डूब गईं और उनकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
लापता होने का नाटक और शातिर पति की गिरफ्तारी
इस जघन्य हत्याकांड को हादसे का रूप देने के लिए मिनेश ने अगले ही दिन कालूपुर पुलिस स्टेशन जाकर पत्नी के लापता (Missing) होने की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। इसके कुछ घंटों बाद जब नदी से कोमलबेन का शव बरामद हुआ, तो मिनेश ने इसे महज एक दुर्घटना साबित कर दिया और पुलिस ने भी केस बंद कर दिया।
लगभग एक दशक तक इस सच्चाई को छुपाने वाले 31 वर्षीय आरोपी मिनेश सोलंकी को अब क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। फिलहाल रिवरफ्रंट वेस्ट पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।















