नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड को लेकर बड़ी कारोबारी खबर सामने आई है। कंपनी ने विभिन्न लोन फैसिलिटी के तहत लिए गए कर्ज और उससे जुड़ी देनदारियों का पूरा भुगतान कर दिया है। इसके बाद कंपनी के गिरवी रखे गए 54.72% शेयरों से एनकम्ब्रेंस हट गया है।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग के मुताबिक, वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (VRL) की सहायक कंपनियों द्वारा गिरवी रखे गए 2,13,96,51,763 शेयर अब पूरी तरह रिलीज हो गए हैं। यानी इन शेयरों पर कर्ज के बदले लगाया गया बोझ समाप्त हो गया है।
तीन प्रमुख लोन फैसिलिटी का किया पूरा भुगतान
रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता ग्रुप ने तीन प्रमुख फैसिलिटी एग्रीमेंट्स के तहत लिए गए कर्ज और अन्य वित्तीय देनदारियों का पूरा भुगतान किया है। इन कर्ज समझौतों के लिए ट्विन स्टार होल्डिंग्स, वेल्टर ट्रेडिंग लिमिटेड और वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस जैसी समूह की कंपनियों के शेयर गिरवी रखे गए थे।
कर्ज का भुगतान पूरा होने के बाद संबंधित शेयरों से सभी एनकम्ब्रेंस हटा दिए गए हैं। इससे वेदांता ग्रुप की वित्तीय स्थिति और शेयरों पर लगी पाबंदियों को लेकर भी राहत मिली है।
डिमर्ज्ड कंपनियों के शेयर भी हुए मुक्त
वेदांता लिमिटेड की चार डिमर्ज्ड कंपनियों के शेयरों से भी सभी तरह के बोझ हटा दिए गए हैं। इनमें वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड शामिल हैं।
कर्ज का पूरा भुगतान होने के बाद इन कंपनियों के शेयरों पर अब कोई बकाया गिरवी नहीं है।
क्या था ‘नेगेटिव लियन’?
इन लोन एग्रीमेंट्स के तहत वेदांता ग्रुप पर कुछ शर्तें भी लागू थीं। इनमें एक महत्वपूर्ण शर्त ‘नेगेटिव लियन’ थी। इसके तहत प्रमोटर ग्रुप को वेदांता लिमिटेड में कम से कम 50.1% हिस्सेदारी बनाए रखना जरूरी था।
इसके अलावा, प्रमोटर ग्रुप इन शेयरों पर नया बोझ या गिरवी नहीं बना सकता था। अब कर्ज और संबंधित देनदारियों का पूरा भुगतान होने के बाद ये प्रतिबंध भी समाप्त हो गए हैं।
24 अगस्त को वेदांता के शेयर में गिरावट
स्टॉक एक्सचेंज को यह फाइलिंग कारोबारी सत्र के दौरान दी गई। हालांकि, सोमवार यानी 24 अगस्त को वेदांता लिमिटेड के शेयर 0.72% की गिरावट के साथ 277 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
कंपनी की ओर से कर्ज चुकाने और गिरवी रखे शेयरों से एनकम्ब्रेंस हटने की खबर को वेदांता समूह के लिए वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।













