
पूल-ए के मुकाबले में भारत की धमाकेदार जीत, लाकरा, सुखजीत, हरमनप्रीत, अभिषेक और दिलप्रीत ने दागे ताबड़तोड़ गोल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए पूल-ए के मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 8-2 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी है। मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाए रखा और हाफटाइम तक ही 5-0 की विशाल बढ़त बना ली थी। पूरे मैच के दौरान कोरियाई रक्षापंक्ति भारतीय अग्रिम पंक्ति के सामने पूरी तरह असहाय नजर आई। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने एशियाड के इतिहास में कोरिया के खिलाफ गोल के अंतर के मामले में अपनी सबसे बड़ी जीत का नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है।
शुरुआती हाफ में ही भारत का दबदबा: आधा दर्जन गोल दाग बनाई बढ़त
मैच के पहले क्वार्टर से ही भारत ने गोलों की झड़ी लगा दी। चौथे मिनट में शिलानंद लाकरा ने मैदानी गोल दागकर भारत का खाता खोला, जिसके तुरंत बाद नौवें मिनट में सुखजीत सिंह ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपने पेटेंट पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को 3-0 से आगे कर दिया। इसके ठीक एक मिनट बाद 12वें मिनट में अभिषेक ने और 26वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल दागकर हाफटाइम तक भारत का स्कोर 5-0 पहुंचा दिया।
दिलप्रीत और अभिषेक के दो-दो गोल, आखिरी मिनट में रजिंदर ने दागा आठवां गोल
हाफटाइम के बाद तीसरे क्वार्टर के 32वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने और 38वें मिनट में अभिषेक ने मैच का अपना-अपना दूसरा गोल दागा। कोरिया की ओर से पहला गोल 42वें मिनट में किम जैहो ने किया, जिससे तीसरे क्वार्टर तक स्कोर 7-1 रहा। अंतिम क्वार्टर में कोरिया के किम योंगबोक ने 52वें मिनट में गोल कर अंतर 7-2 किया, लेकिन 60वें मिनट में भारत के रजिंदर सिंह ने अंतिम गोल दागकर स्कोर बोर्ड को 8-2 पर सील कर दिया। अब पूल स्टेज के अगले मुकाबले में भारत का सामना जापान से होगा।
64 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, इतिहास में पहली बार किसी मैच में बने 10 गोल
दक्षिण कोरिया के खिलाफ पुरुष हॉकी में गोल के अंतर (6 गोल) के मामले में यह भारत की एशियन गेम्स में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले भारत ने 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में कोरिया को 5-0 से हराया था। इसके अलावा, यह पहला मौका है जब भारत और दक्षिण कोरिया के बीच आयोजित किसी पुरुष हॉकी मैच में कुल मिलाकर 10 (8-2) गोल पड़े हों। इससे पहले दोनों टीमों के बीच हुए सर्वाधिक गोल वाले मुकाबलों का स्कोर 5-3 रहा था।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का अब तक का सफर: 1 स्वर्ण समेत कुल 15 पदक
भारतीय दल ने अब तक इस एशियाड में कुल 15 पदक (1 स्वर्ण, 6 रजत और 8 कांस्य) अपने नाम किए हैं, जिसके साथ भारत पदक तालिका में 14वें स्थान पर काबिज है। भारत के लिए एकमात्र स्वर्ण पदक महिला क्रिकेट टीम ने जीता है। शूटिंग में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा देखने को मिला है, जहां से सबसे ज्यादा 8 पदक (4 रजत, 4 कांस्य) आए हैं। इसके अलावा भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और वुशु में रोशिबिना देवी ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
एशियन गेम्स 2026: भारत की पदक तालिका (15 पदक)
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक | पदक विजेता / स्पर्धा |
| महिला क्रिकेट | 1 | 0 | 0 | 1 | भारतीय महिला क्रिकेट टीम |
| निशानेबाजी (Shooting) | 0 | 4 | 4 | 8 | हिमांशु ढिल्लन, रुद्रांक्ष पाटिल, इलावेनिल वलारिवन, पुरुष/महिला/मिश्रित टीम |
| भारोत्तोलन (Weightlifting) | 0 | 1 | 0 | 1 | मीराबाई चानू (महिला 49 किग्रा) |
| वुशु (Wushu) | 0 | 1 | 0 | 1 | रोशिबिना देवी (महिला 60 किग्रा) |
| बैडमिंटन | 0 | 0 | 1 | 1 | भारतीय पुरुष टीम |
| मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स | 0 | 0 | 1 | 1 | सुचिका तारियाल (महिला ट्रेडिशनल 60 किग्रा) |
| रोइंग (Rowing) | 0 | 0 | 1 | 1 | सतनाम सिंह / सलमान खान (पुरुष डबल स्कल्स) |
| सॉफ्ट टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 | जय मीना (पुरुष एकल) |
| कुल योग | 1 | 6 | 8 | 15 | — |














