
आसमान में करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे फ्लाईदुबई के विमान में एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। तेल अवीव (इजराइल) जा रही इस फ्लाइट को सऊदी अरब के एयरस्पेस में को-पायलट ने ही हाईजैक करने की कोशिश की। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे जिस शख्स का नाम सामने आया है, उसकी पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-हम्मामी चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था और विमान को टेकओवर करने के मकसद से उसने कैप्टन पर जानलेवा हमला कर दिया।
चरमपंथी वेबसाइट्स देखता था को-पायलट, ओमान एयर ने किया था बर्खास्त मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमाम अल-हम्मामी की हरकतें पहले से ही संदिग्ध थीं। उसकी मां सीरियाई मूल की हैं और वह लंबे समय तक ओमान से बाहर ही रहा है। अल-हम्मामी लगातार कट्टरपंथी और चरमपंथी वेबसाइट्स के संपर्क में था। उसकी इन संदिग्ध गतिविधियों की वजह से ओमान एयर ने वर्ष 2024-25 में ही उसे सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए नौकरी से निकाल दिया था और उसके उड़ान भरने पर रोक लगा दी थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी गंभीर सुरक्षा पृष्ठभूमि होने के बावजूद फ्लाईदुबई एयरलाइंस ने बिना सख्त बैकग्राउंड चेक के उसे को-पायलट के पद पर भर्ती कर लिया, जो अब एक बड़ा सुरक्षा चूक का सवाल बन गया है।

मिड-एयर कॉकपिट में कुल्हाड़ी से वार, कैप्टन की जांबाजी से टला भीषण हादसा घटना वाले दिन फ्लाईदुबई की फ्लाइट जब सऊदी अरब के ऊपर लगभग 33,000 से 34,000 फीट की ऊंचाई पर थी और उड़ान को करीब दो घंटे बीत चुके थे, तभी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने अचानक कुल्हाड़ी निकालकर मुख्य कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन मछार बुरी तरह घायल हो गए और खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने अपना आपा नहीं खोया। लहूलुहान हालत में उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का आपातकालीन दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही सतर्क क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने कॉकपिट में प्रवेश कर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया। इसके बाद विमान की उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे, जिन्हें बाद में दूसरी फ्लाइट से इजराइल भेजा गया। सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद यूएई के हवाले कर दिया है।
पीएम मोदी, नेतन्याहू और ट्रंप ने बांधे कैप्टन मछार की बहादुरी के पुल इस खौफनाक वारदात के दौरान भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार की सूझबूझ और बहादुरी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मछार के परिवार से बात की और खुद कैप्टन से वीडियो कॉल कर उनका हाल-चाल जाना। बातचीत के दौरान कैप्टन मछार भावुक हो गए और उन्होंने उस खौफनाक मंजर को साझा किया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मछार की तारीफ करते हुए कहा कि अत्यधिक खून बहने और प्लेन के बेकाबू होने के बावजूद भारतीय पायलट ने अकल्पनीय साहस दिखाया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित मछार को सच्चा हीरो करार दिया है।















