
- जेल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा, सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात। अदालत से रिहाई परवाने जारी होने के बावजूद अन्य कानूनी मामलों और जेल प्रशासन की औपचारिकताओं के चलते शनिवार देर शाम तक दोनों बाहर नहीं आ सके।
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर शनिवार को रामपुर जेल के बाहर दिनभर हलचल बनी रही। दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और अदालत से रिहाई परवाने जारी होने के बाद दोनों के बाहर आने की उम्मीद थी। इसी बीच शनिवार शाम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम रामपुर जेल पहुंच गई। टीम के पहुंचने से दोनों की रिहाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और परिचित जुटे रहे। भीड़ को देखते हुए जेल परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
हाईकोर्ट से जमानत के बाद जारी हुए थे रिहाई परवाने
दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट ने गुरुवार को आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर की थी। शुक्रवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल किया गया। जमानत की शर्तें पूरी करने और निर्धारित रकम जमा कराने के बाद अदालत ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए थे।
इसके बाद रिहाई से संबंधित परवाने जेल प्रशासन को भेज दिए गए। हालांकि, जेल प्रशासन को अन्य मामलों में दोनों की निरुद्धता और किसी दूसरी कानूनी अड़चन की जांच करनी थी। इसी प्रक्रिया के चलते शनिवार देर शाम तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी।
आजम खां और अब्दुल्ला ने जमा किए 6.25 लाख रुपये
हाईकोर्ट ने जमानत के लिए जुर्माने की आधी राशि जमा करने और 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने की शर्त रखी थी। शुक्रवार को दोनों की ओर से निर्धारित रकम जमा कराई गई।
आजम खां की ओर से जुर्माने की आधी राशि के रूप में 2.50 लाख रुपये और जमानतियों के लिए एक लाख रुपये जमा किए गए। इस तरह उनकी ओर से कुल 3.50 लाख रुपये जमा हुए।
वहीं, अब्दुल्ला आजम की ओर से जुर्माने की आधी राशि के तौर पर 1.75 लाख रुपये और जमानतियों के लिए एक लाख रुपये जमा कराए गए। उनकी ओर से कुल 2.75 लाख रुपये जमा किए गए।
दोनों की ओर से कुल 6.25 लाख रुपये जमा होने के बाद अदालत ने रिहाई परवाने जारी कर दिए थे।
जेल के बाहर समर्थकों की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
आजम खां और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की संभावना को देखते हुए शनिवार को रामपुर जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी रही। लोग दोनों के जेल से बाहर आने का इंतजार करते रहे। भीड़ बढ़ने की आशंका के मद्देनजर जेल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसी दौरान ED की टीम के जेल पहुंचने से मामले ने नया मोड़ ले लिया। फिलहाल दोनों की रिहाई जेल प्रशासन की औपचारिकताएं पूरी होने और अन्य कानूनी मामलों की स्थिति स्पष्ट होने पर निर्भर है।
















