नकवी के सामने BCCI का फिर ‘ना’! पहले सूर्या, अब हरमनप्रीत… एशिया कप में एक साल बाद वही विवाद

दुबई में लहराया तिरंगा, 72 रनों से श्रीलंका पस्त

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार (13 सितंबर) को खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों के भारी अंतर से हरा दिया. कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और खिताबी मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज कर एशिया कप की चमचमाती ट्रॉफी पर अपना हक जमाया. मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों के शानदार खेल और रणनीतिक कौशल के आगे श्रीलंकाई टीम का कोई भी दांव सफल नहीं हो सका.

पुरस्कार वितरण समारोह में छिड़ा विवाद जीत के जश्न के बीच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में उस समय अचानक सन्नाटा पसर गया, जब विजेता टीम को ट्रॉफी देने को लेकर विवाद शुरू हो गया. मैच खत्म होने से ठीक पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम में पहुंचे. नकवी खुद अपने हाथों से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को विजेता ट्रॉफी सौंपना चाहते थे. हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पर सख्त आपत्ति जताई और नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया, जिसके चलते पूरे स्टेडियम में गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई.

पर्दे के पीछे सुलह की कोशिशें हुईं नाकाम इस गतिरोध के कारण पुरस्कार वितरण समारोह में काफी देरी हुई और पर्दे के पीछे स्थिति को संभालने के लिए बातचीत का दौर चला. भारतीय दल ने प्रस्ताव रखा कि एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी भारतीय टीम को ट्रॉफी प्रदान कर दें, लेकिन इस विकल्प पर सहमति नहीं बन सकी. मंच पर मोहसिन नकवी के साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और स्पॉन्सर प्रतिनिधि मौजूद थे. दूसरी ओर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में मौजूद रहने के बावजूद मंच पर नहीं गए और उन्होंने सीधे मैदान पर उतरकर भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की.

बिना ट्रॉफी खत्म हुआ समारोह, 2025 का इतिहास दोहराया तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई रास्ता नहीं निकला, तो मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप का चेक सौंपा और भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी व मेडल दिए ही पुरस्कार वितरण समारोह समाप्त कर दिया गया. इस वाकये ने सितंबर 2025 में इसी मैदान पर हुए मेन्स एशिया कप के ड्रामे की यादें ताजा कर दीं. उस समय सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, तब भी मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से भारत ने मना कर दिया था. एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई अपने रुख पर पूरी तरह कायम रहा.

 

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