पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म, 45 मिनट हुई दोनों नेताओं के बीच बातचीत

नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने करीब 45 मिनट तक विभिन्न अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान भारत-रूस के बीच व्यापार, औद्योगिक सहयोग, परमाणु ऊर्जा, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज और कुशल श्रम समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में राष्ट्रपति पुतिन और उनके साथ आए रूसी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल क्लासिक ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भी भेंट किया। यह पुस्तक तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में शामिल है और इसमें जीवन, नैतिकता, शासन तथा सामाजिक मूल्यों से जुड़े विचारों का संग्रह है।

BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जा रहा है। सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के अलावा आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं।

पुतिन का दिल्ली पहुंचने पर स्वागत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विमान शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा। इसके बाद वे BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कार्यक्रमों में शामिल हुए। सम्मेलन में BRICS के 11 सदस्य देशों के अलावा 12 अन्य देशों को भी आमंत्रित किया गया है।

एक ही कार में प्रदर्शनी देखने पहुंचे मोदी-पुतिन

द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में बैठकर भारत मंडपम में आयोजित प्रदर्शनी देखने पहुंचे। यहां BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन का आयोजन होना है।

दोनों नेताओं का एक साथ प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचना भी चर्चा का विषय रहा। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों की झलक इस मुलाकात में देखने को मिली।

2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार पर जोर

बैठक में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार संबंधों को और मजबूत करने तथा भारतीय कंपनियों के लिए रूसी बाजार में पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत में रूस के INNOPROM के जरिए औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, रेल क्षेत्र और टनल निर्माण में साझेदारी, स्टील वैल्यू चेन विकसित करने तथा दोनों देशों के कारोबारियों के बीच B2B अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी चर्चा

दोनों नेताओं के बीच नागरिक परमाणु सहयोग को मजबूत करने पर भी बातचीत हुई। इसमें ईंधन चक्र और परमाणु संयंत्रों के पूरे जीवन-चक्र से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा Critical Minerals के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भारत की ऊर्जा एवं औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

उर्वरक और कुशल श्रम सहयोग पर जोर

भारत और रूस ने उर्वरक क्षेत्र में सहयोग बनाए रखने और उसे बढ़ाने पर भी चर्चा की। रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों के जरिए उर्वरकों की आपूर्ति को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक में रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाने समेत दोनों देशों के बीच श्रम और मानव संसाधन से जुड़े सहयोग को बढ़ावा देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

मिस्र के राष्ट्रपति भी दिल्ली पहुंचे

BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी भी भारत पहुंच गए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया। मिस्र इस वर्ष BRICS के विस्तारित समूह में शामिल देशों में से एक है और राष्ट्रपति अल-सिसी की मौजूदगी सम्मेलन के लिए अहम मानी जा रही है।

अब सभी की नजरें 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन पर हैं, जहां सदस्य और आमंत्रित देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

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