नई दिल्ली। अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी आक्रामक रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी इस बार पंजाब में वही ‘पश्चिम बंगाल फॉर्मूला’ आजमाने जा रही है, जिसके तहत सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सीधी सेंध लगाई जाएगी। बीजेपी का मुख्य उद्देश्य पंजाब के मतदाताओं के बीच खुद को एक मजबूत, स्थिर और व्यावहारिक विकल्प के रूप में पेश करना है।
पश्चिम बंगाल की तर्ज पर घेरेबंदी, बड़े चेहरों की बीजेपी में एंट्री की तैयारी
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर और नंदीग्राम सहित टीएमसी के मजबूत प्रभाव वाले दक्षिण बंगाल में पूरी ताकत झोंक दी थी। पंजाब में भी बीजेपी उसी मॉडल पर काम कर रही है।
पार्टी ने पंजाब की 117 में से 53 ऐसी खास विधानसभा सीटों की पहचान की है, जहां ऐतिहासिक और परंपरागत रूप से आप और कांग्रेस का मजबूत दबदबा रहा है। इन क्षेत्रों में चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले स्थानीय और प्रभावशाली नेताओं की पहचान की जा रही है, जिन्हें चुनाव से पहले पार्टी में शामिल करने की कवायद जारी है।
मालवा, माझा और दोआबा में आप-कांग्रेस के समीकरण
पंजाब के तीनों प्रमुख क्षेत्रों में राजनीतिक दलों का मौजूदा प्रभाव इस प्रकार है:
-
आम आदमी पार्टी (AAP): मालवा, माझा और दोआबा की लगभग 30-32 सीटों पर काफी मजबूत मानी जाती है।
-
कांग्रेस: शहरी, अर्ध-शहरी इलाकों और दोआबा-माझा के कुछ हिस्सों की लगभग 35-40 सीटों पर सीधा प्रभाव रखती है।
-
बीजेपी की रणनीति: इन दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक और कैडर में सीधी टक्कर देकर अपने जनाधार का विस्तार करना।
2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों से मिला बीजेपी को हौसला
बीजेपी के इस आक्रामक प्लान का मुख्य आधार 2024 के आम चुनाव के विधानसभा-वार आंकड़े हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने 92 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 42% था, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में घटकर लगभग 26% पर आ गया।
| दल / पार्टी | 2024 लोकसभा में बढ़त (विधानसभा सीटें) | प्रदर्शन एवं स्थिति |
| कांग्रेस | 37 सीटें | 13 में से 7 लोकसभा सीटें जीतीं (वोट शेयर: 26.3%) |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 33 सीटें | 13 में से 3 लोकसभा सीटें जीतीं (वोट शेयर: ~26%) |
| बीजेपी (BJP) | 23 सीटें | 6 सीटों पर दूसरे और 16 पर तीसरे स्थान पर रही (कुल 45 सीटों पर प्रभावी मौजूदगी) |
| शिरोमणि अकाली दल (SAD) | 09 सीटें | 1 लोकसभा सीट पर जीत हासिल की |
23 सीटों पर बढ़त और कुल 45 सीटों पर पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रहने के इन आंकड़ों ने बीजेपी नेतृत्व को यह भरोसा दिया है कि राज्य में आप सरकार के खिलाफ बन रहे एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का सीधा फायदा उठाकर सरकार बनाई जा सकती है।
3C फॉर्मूला और अमित शाह की रैली से चुनावी शंखनाद
बीजेपी पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने के लिए ‘3C’ का आक्रामक एजेंडा लेकर मैदान में उतर रही है:
-
Crime (अपराध)
-
Corruption (भ्रष्टाचार)
-
Chitta (चिट्टा – नशा)
वर्तमान में बीजेपी पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ एक व्यापक राज्यव्यापी यात्रा निकाल रही है, जिसका भव्य समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। इसके साथ ही पार्टी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
















