
चित्र परिचय – बंद पड़ी, क्षेत्रीय सहकारी समिति बाबागंज व सहकारी संघ
नानपारा तहसील/बहराइच। तहसील नानपारा अंतर्गत बाबागंज क्षेत्र में स्थित सहकारी समितियों पर बीते 05 माह से यूरिया की खेप ना आने से क्षेत्र के किसान खाद के लिए परेशान हैं। इस समय जहां धान की फसल में यूरिया की जरूरत है, ऐसे समय बीते 05 महीने से कस्बा बाबागंज स्थित क्षेत्रीय सहकारी समिति व सहकारी संघ पर यूरिया ना आने से यूरिया खाद के लिए क्षेत्र के किसान दर-दर भटक रहे हैं तथा कालाबाजारी के दामों पर निजी विक्रेताओं के यहां से यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय कृषकों के कई बार मांग करने के बावजूद बाबागंज स्थित सहकारी समितियों पर संबंधित सचिव के द्वारा यूरिया खाद नहीं मंगाया जा रहा। वही निजी विक्रेताओं के यहां यूरिया की तस्करी महंगे दामों पर धड़ल्ले से की जा रही है।
क्षेत्रीय किसान यूरिया के लिए निजी कृषि दुकानदारों के यहां भटकने को मजबूर हैं, साथ ही ₹ 400 से लेकर 500 तक में यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय कृषक बद्री सिंह, रामदीन गौतम, राजू सोनकर, आशुतोष, रामकुमार, रामसूरत, राधे, सरोज कुमार, नंदकिशोर वर्मा, भीष्म चौरासिया, प्रहलाद वर्मा आदि का कथन है कि बीते 05 महीने से क्षेत्रीय सहकारी समितियों पर यूरिया ना आने से मायूस होकर लौट जाना पड़ता है। हमेशा यहां पर ताला ही लटकता मिलता है। समिति के सचिव बी शुक्ला भी यहां कभी नहीं आते हैं। 05 महीने बीतने के बाद भी अभी तक यूरिया की खेप नहीं आ पाई है। यूरिया खाद की इस कमी को लेकर क्षेत्रीय किसानों जहां परेशान हैं वहीं उनमें आक्रोश भी बना हुआ है।














