कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर स्थित बिल्हौर के ककवन थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात खूनी संघर्ष और पथराव से दहल उठी। चंपतनेवादा गांव में दो पक्षों के बीच पुराना विवाद इस कदर गहराया कि गलियां रणक्षेत्र बन गईं। इस हिंसक टकराव के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसके बाद गांव अब पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
गाली-गलौज से शुरू हुआ खूनी खेल, पथराव में टूटी प्रतिमा
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ें 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के दौरान हुई कहासुनी से जुड़ी हैं। गुरुवार रात वही पुरानी रंजिश एक बार फिर भड़क उठी। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और अंधाधुंध पथराव शुरू हो गया। इसी बीच एक पत्थर प्रतिमा पर जा लगा, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। गनीमत रही कि इंस्पेक्टर जितेन्द्र राजपूत ने तत्परता दिखाते हुए फोर्स के साथ मोर्चा संभाला, जिससे कोई बड़ी अनहोनी टल गई।
नामजद मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद पीड़ित राकेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने अजीत यादव, सोनू यादव, कुलदीप यादव, दीपक यादव और अतर सिंह समेत कई महिलाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया, बल्कि शिवम नामक युवक के साथ जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। एसीपी मंजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
प्रशासन की सूझबूझ से थमा तनाव, नई प्रतिमा की स्थापना
शुक्रवार की सुबह प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता सफल रही। एसडीएम मनीष कुमार और नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश राजपूत की मौजूदगी में क्षतिग्रस्त प्रतिमा की जगह नई प्रतिमा विधि-विधान से स्थापित की गई। इसके बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शांति की अपील की। फिलहाल गांव में एहतियातन गश्त जारी है और खुफिया तंत्र अराजक तत्वों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रहा है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।













