‘786’ के नोट का ऐसा लालच कि गंवा बैठे लाखों, फेसबुक विज्ञापन के जाल में फंसे 4-स्टार होटल के शेफ

उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां ‘यूनिक’ नोटों के बदले रातों-रात लखपति बनने का सपना एक युवक पर भारी पड़ गया। फेसबुक पर आए एक विज्ञापन के झांसे में आकर एक 4-स्टार होटल के शेफ को अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धोना पड़ा। साइबर ठगों ने 786 नंबर वाले नोटों के बदले 86 लाख रुपए देने का लालच दिया और बदले में साढ़े तीन लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल

नानाखेड़ा पुलिस के अनुसार, मूल रूप से नेपाल के रहने वाले 44 वर्षीय मोहन श्रेष्ठा इंदौर रोड स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में शेफ हैं। मोहन को फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा था, जिसमें दावा किया गया था कि यदि किसी के पास 786 नंबर वाले खास नोट हैं, तो उन्हें लाखों रुपए में बेचा जा सकता है। लालच में आकर मोहन ने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके पास मौजूद तीन विशेष नोटों के बदले उन्हें 86 लाख रुपए घर बैठे (होम डिलीवरी) पहुंचाए जाएंगे।

GST और TDS के नाम पर वसूले 3.66 लाख रुपए

शातिर ठगों ने मोहन को झांसा दिया कि 86 लाख रुपए की भारी भरकम राशि भेजने के लिए कुछ कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके नाम पर उनसे डिलीवरी चार्ज, जीएसटी (GST), रजिस्ट्रेशन फीस और टीडीएस (TDS) जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगे गए। 28 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच मोहन ने किश्तों में कुल 3,66,546 रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे खत्म हो गए और कोई रकम वापस नहीं मिली, तब एक मित्र की सलाह पर उन्हें अहसास हुआ कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।

साइबर हेल्पलाइन 1930 की मदद से दर्ज हुई FIR

धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित शेफ ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। राज्य साइबर सेल की प्रारंभिक जांच के बाद मामला नानाखेड़ा थाना पुलिस को भेजा गया। टीआई नरेंद्र यादव ने बताया कि 1930 साइबर पोर्टल से प्राप्त ई-एफआईआर (E-FIR) के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनके जरिए इस ठगी को अंजाम दिया गया।

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