नई दिल्ली। फिल्मों की रिलीज से पहले उनकी कहानी और स्क्रिप्ट को सीक्रेट रखना मेकर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है, लेकिन अब फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी डेटा लीक की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के ऑनलाइन पोर्टल से 500 से अधिक फिल्मों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक होने का मामला प्रकाश में आया है। इनमें फिल्मों की स्क्रिप्ट, सर्टिफिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड, कट ऑर्डर और भारी-भरकम कारोबारी समझौतों (Contracts) से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं।
e-Cinepramaan पोर्टल से सेंधमारी, इंटरनेट आर्काइव पर हुए अपलोड
यह पूरा गंभीर मामला CBFC के आधिकारिक ‘e-Cinepramaan’ पोर्टल से जुड़ा हुआ है, जिसके माध्यम से फिल्मों को सेंसर सर्टिफिकेट देने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पोर्टल की सुरक्षा में चूक का फायदा उठाकर कुछ दस्तावेजों तक अवैध पहुंच बनाई गई और उन्हें एक इंटरनेट आर्काइव (Internet Archive) पर डाउनलोड के लिए सार्वजनिक कर दिया गया। हालांकि, इस बात की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है कि यह सेंधमारी कैसे हुई और इससे कुल कितनी संवेदनशील जानकारियां प्रभावित हुई हैं।
स्क्रिप्ट के साथ डिस्ट्रीब्यूशन डील और लाइसेंसिंग फीस भी उजागर
इस डेटा लीक के दायरे में केवल फिल्मों की स्क्रिप्ट ही नहीं, बल्कि मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच हुए गुप्त व्यावसायिक समझौते भी आए हैं। लीक दस्तावेजों में फिल्मों के कट ऑर्डर, डिस्ट्रीब्यूशन डील और लाइसेंसिंग फीस जैसी बेहद संवेदनशील वित्तीय जानकारियां शामिल होने की बात सामने आ रही है। जानकारों का कहना है कि इस तरह की जानकारियां फिल्म निर्माताओं और वितरकों के लिए व्यावसायिक रूप से बेहद अहम होती हैं। यदि ये खुलासे सार्वजनिक होते हैं, तो आने वाली फिल्मों के बिजनेस और कमर्शियल नेगोशिएशन पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि 500 फिल्मों की पूरी वीडियो फाइल या मूवी लीक हुई है, बल्कि मामला मुख्य रूप से आधिकारिक दस्तावेजों से जुड़ा है।
CBFC ने शुरू की हाई-लेवल जांच, CERT-In भी सक्रिय
इस बड़े सुरक्षा उल्लंघन (Security Breach) के सामने आने के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और पोर्टल का कड़ा सिक्योरिटी ऑडिट किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर संबंधित इंटरनेट आर्काइव ने आपत्तिजनक अकाउंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटाते हुए इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम अधिकारियों से कर दी है। इसके अलावा देश की शीर्ष साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) को भी इस डेटा लीक की आधिकारिक जानकारी दे दी गई है।
फिलहाल, इस बड़ी चूक के पीछे किसकी लापरवाही थी और लीक हुए डेटा का कितना गलत इस्तेमाल हुआ है, यह जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा। लेकिन इस घटना ने सरकारी और अर्ध-सरकारी पोर्टल्स पर स्टोर किए जाने वाले संवेदनशील दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


















