शाहजहांपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाला दोहरा हत्याकांड: प्राचीन मंदिर के दो सेवादारों की हत्या कर जलाए शव, गांव के ही दबंग पर कब्जे की नीयत से कत्ल का शक

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सूथा गांव के एक प्राचीन मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार (1 अक्टूबर) की सुबह दो सेवादारों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बुरी तरह जली हुई हालत में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में दोनों सेवादारों की निर्मम हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को आग के हवाले करने की बात सामने आई है। घटना की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

10 मीटर की दूरी पर पड़े मिले बुरी तरह जले हुए शव, गांव में सनसनी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान मंदिर के वृद्ध सेवादार गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों सेवादार पिछले लंबे समय से मंदिर परिसर में ही रहकर धार्मिक अनुष्ठानों और देखभाल की सेवा में समर्पित थे। बृहस्पतिवार सुबह जब ग्रामीण रोज की भांति पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर दंग रह गए। दोनों सेवादारों के शव एक-दूसरे से करीब 10 मीटर की दूरी पर पड़े थे और पूरी तरह झुलस चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस घटना की जानकारी खुदागंज थाना पुलिस को दी।

एसपी और फॉरेंसिक टीम ने संभाला मौका, साक्ष्य जुटाए

एक साथ दो सेवादारों की नृशंस हत्या (डबल मर्डर) की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) सौरभ दीक्षित भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके का गहनता से मुआयना कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों सेवादारों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है।

मंदिर की जमीन पर कब्जे की नीयत से कत्ल की आशंका, हाल ही में जेल से छूटे सुमित पर शक

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश में वारदात के पीछे मंदिर व देवस्थान की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे की मंशा जाहिर हो रही है। इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड में गांव के ही निवासी सुमित सिंह नाम के व्यक्ति पर मुख्य संदेही के रूप में शक जताया जा रहा है। ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सुमित कुछ समय पूर्व ही जेल से बाहर आया था और दोनों सेवादारों पर मंदिर परिसर खाली करने का लगातार दबाव बना रहा था। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha