कोडरमा/हजारीबाग। देश भर में हाल ही में चर्चित रहे ‘ब्लू ड्रम कांड’ और ‘सांप कांड’ के बाद अब झारखंड के कोडरमा से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। प्यार के रास्ते का कांटा बने पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने अपने ही जिगरी यार के साथ मिलकर ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। हत्यारोपी प्रेमी कोई और नहीं, बल्कि मृतका के पति का पक्का दोस्त और पेशे से एक झोलाछाप डॉक्टर था।
साल 2019 से चल रहा था अवैध प्रेम प्रसंग, विरोध करने पर रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक नरेश ठाकुर (निवासी चौपारण, हजारीबाग) के साथ आरोपी सुनील ठाकुर का गहरा याराना था। पेशे से झोलाछाप डॉक्टर होने के कारण सुनील का नरेश के घर अक्सर आना-जाना था। इसी मेल-जोल के दौरान सुनील और नरेश की पत्नी किरण देवी के बीच साल 2019 से अवैध प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। जब नरेश को अपनी पत्नी और जिगरी दोस्त के इस काले रिश्ते की भनक लगी, तो उसने इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया। बस यहीं से दोनों ने नरेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने और आपस में निकाह/शादी करने का खौफनाक जाल बुनना शुरू कर दिया।
बीमारी का बहाना, क्लिनिक ले जाकर लगाया कीटनाशक का इंजेक्शन
पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत 10 अक्टूबर को इस वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया। किरण देवी ने अपने प्रेमी सुनील को फोन पर सूचना दी कि उसका पति नरेश बीमार है और वह कोडरमा रेलवे स्टेशन से कोलकाता जाने की फिराक में है। योजना के मुताबिक सुनील तुरंत स्टेशन जा पहुंचा और नरेश को बेहतर इलाज का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठाकर नवलशाही स्थित अपने निजी क्लिनिक ले गया। वहां इलाज के नाम पर शातिर डॉक्टर दोस्त ने नरेश को किसी और चीज का नहीं, बल्कि जहरीले कीटनाशक (पेस्टीसाइड) का घातक इंजेक्शन ठोक दिया। इस जहरीले इंजेक्शन के प्रभाव से तड़प-तड़पकर नरेश की मौके पर ही मौत हो गई।
बोरे में भरकर खदान में फेंका शव, पत्नी ने रची झूठी गुमशुदगी की कहानी
हत्या को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने और पुलिस को चकमा देने के लिए शातिरों ने शातिर नाटक रचा। सुनील ने मृत दोस्त के शव को एक प्लास्टिक के बोरे में कसकर बांधा और रात के सन्नाटे में अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर लकराही तालाब के पास एक बंद पड़ी पत्थर की खदान में फेंक दिया। वहीं, दूसरी तरफ पति की हत्या करवाने के बाद शातिर पत्नी किरण देवी ने खुद पर किसी का शक न जाए, इसलिए स्थानीय थाने पहुंचकर पति की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
SIT की ताबड़तोड़ जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस से हुआ ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश
गत 17 अक्टूबर को नवलशाही थाना क्षेत्र की एक बंद खदान से पुलिस ने बोरे में बंद अज्ञात शव बरामद किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष ने तुरंत कांड संख्या 69/26 दर्ज करते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने सर्विलांस, तकनीकी इनपुट्स और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जब तफ्तीश शुरू की, तो मृतक की शिनाख्त नरेश ठाकुर के रूप में हुई। पुलिस ने जब पत्नी किरण देवी की कॉल डिटेल और गतिविधियों को खंगाला, तो सुनील ठाकुर के साथ उसके अवैध संबंधों की परतें उधड़ गईं। पुलिस की कड़ाई के आगे दोनों टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।


















