SIR विवाद पर देशभर में कांग्रेस का हल्लाबोल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; संसद में महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है। शुक्रवार को दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, जम्मू और देहरादून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया।

देशभर में प्रदर्शन और ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा

  • जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने बैनर और पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी की। उन्होंने “वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” और “निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र नहीं” के नारे लगाए।

  • राज्य मुख्यालयों पर घेराबंदी: देहरादून में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन हुआ, जबकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।

  • बेंगलुरु में पुलिस शिकायत: कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स थाने में सीईसी ज्ञानेश कुमार और भाजपा विधायक अभय पाटिल के खिलाफ मतदाता सूची में कथित हेरफेर और अधिकारों के उल्लंघन की एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत सौंपी है।

विवाद की वजह: आयोग के भीतर 14 बार आपत्ति

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां जताई थीं।

  • आपत्ति के मुख्य बिंदु: फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने/हटाने की प्रक्रिया और मतदाता डेटाबेस पर केंद्रीकृत नियंत्रण को लेकर मतभेद उभरे थे।

चुनाव आयोग का पक्ष:

आयोग ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि किसी भी स्वायत्त संस्था में विचार-विमर्श और अलग-अलग राय होना एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। आयोग के सभी फैसलों को पूर्ण कानूनी समर्थन प्राप्त है और वे तय प्रक्रियाओं के तहत ही जारी किए गए हैं।

कांग्रेस की आगे की रणनीति: 28 सितंबर को कलेक्ट्रेट मार्च और महाभियोग

  1. दो चरणों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, 25 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग दफ्तरों के घेराव के बाद अब 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCC) जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालेंगी।

  2. संसद में महाभियोग प्रस्ताव: कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अन्य विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) के साथ मिलकर आगामी संसद सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (Impeachment) प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी कर रही है।

 

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