
ईरान के साथ बढ़ते सैन्य टकराव और संभावित ड्रोन व मिसाइल हमलों के खतरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। नेब्रास्का में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की ओर से अमेरिकी शहरों को निशाना बनाए जाने की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की फिराक में है, लेकिन वैश्विक सुरक्षा और अमेरिकी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए यह एक छोटी सी कीमत होगी।
ट्रंप का विवादित बयान और अमेरिका में मचा राजनीतिक घमासान
रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “ईरान किसी शहर को निशाना बना सकता है। उन्हें लॉस एंजिल्स या सैन डिएगो को निशाना बनाने दीजिए, लेकिन देश और दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए यह बहुत छोटी कीमत है।” ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजम, सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया और लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास समेत विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिकी नागरिकों की जान और शहरों की सुरक्षा किसी भी तरह से ‘छोटी कीमत’ नहीं हो सकती।
हाई-रिस्क शहरों की सुरक्षा बढ़ाई गई, बजट में इजाफा
ईरानी खतरों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) की चेतावनियों के मद्देनजर अमेरिकी संघीय सरकार ने देश के 13 उच्च जोखिम (High-Risk) वाले शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। 2010 की शहरी सुरक्षा आकलन रिपोर्ट और हालिया खुफिया जानकारियों के आधार पर राजधानी वाशिंगटन डीसी, न्यू यॉर्क सिटी, ह्यूस्टन, शिकागो, अटलांटा, बोस्टन, डेनवर, मियामी, न्यू ऑरलियन्स, फीनिक्स (मैरिकोपा काउंटी), सैन फ्रांसिस्को बे एरिया, सिएटल और लॉस एंजिल्स में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की जा रही है।
ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस से बी-2 और बी-1 बॉम्बर्स को हटाया गया
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित यूके के आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) एयरबेस से अपने रणनीतिक बी-2 और बी-1 बॉम्बर विमानों को वापस हटा लिया है। पिछले दिनों इस एयरबेस के पास ड्रोन हमले की साजिश रचने और संदिग्ध रेकी करने के आरोप में 5 संदिग्धों को पकड़ा गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि बेस पर सीधा हमला होने के जोखिम को देखते हुए ही विमानों को वहां से शिफ्ट किया गया है।
मध्यकालिक चुनावों से ठीक पहले गहराया संकट
अमेरिका में अगले महीने प्रस्तावित मिडटर्म इलेक्शन (Midterm Elections) से ठीक पहले ईरान के साथ बढ़ा यह विवाद चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि ईरान किसी भी वक्त प्रॉक्सी संगठनों के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर हमला करवा सकता है, जिसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

















