मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के भव्य अवसर पर सोमवार को अलौकिक नजारा देखने को मिला. शहर का साकेत महाविद्यालय परिसर पूरी तरह से राममय रंग में रंगा नजर आया, मानो साक्षात ‘रामराज्य’ धरती पर उतर आया हो. पूरा परिसर श्रद्धालुओं के भक्तिभाव और ‘जय श्रीराम’ व ‘हर हर महादेव’ के गगनभेदी उद्घोष से लगातार गूंजता रहा, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा और भक्ति से भर आईं.
लोक संस्कृति का दिव्य संगम: गरबा से लेकर भांगड़ा तक ने मोहा मन
इस वर्ष के दीपोत्सव को ऐतिहासिक और दिव्य बनाने के लिए देश के कोने-कोने से आए लोक कलाकारों ने अपनी अद्भुत कलाकृतियों और नृत्यों से माहौल में चार चांद लगा दिए. साकेत महाविद्यालय परिसर में गुजरात के गरबा, राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर, महाराष्ट्र की ऊर्जावान लावणी, पंजाब के जोशीले भांगड़ा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पंथी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं. कलाकारों की सुंदर पारंपरिक वेशभूषा और जीवंत कलाकृतियों ने वहां मौजूद विशाल दर्शक समूह को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया.
सातों कांडों पर आधारित दिव्य झांकियां और सामाजिक संदेश
इस बार के दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण रामचरितमानस के सभी सातों कांडों पर आधारित बनाई गई कलात्मक झांकियां रहीं. बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक प्रभु श्रीराम के पूरे जीवन प्रसंगों को बेहद खूबसूरती से उकेरा गया, जिसमें राम दरबार, धनुष यज्ञ, श्रीराम का वनवास, लंका दहन और भव्य राज्याभिषेक की झांकियां दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रहीं. इसके साथ ही, इन धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ राज्य और देश की मुख्य योजनाओं जैसे महिला सुरक्षा, सुरक्षित यूपी, विकसित भारत और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी जनकल्याणकारी झांकियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया.
रामपथ से लता मंगेशकर चौक तक निकली भव्य शोभायात्रा
साकेत महाविद्यालय के विशाल मैदान से शुरू हुई यह भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे और सांस्कृतिक दलों की अगुवाई में रामपथ से होते हुए प्रसिद्ध लता मंगेशकर चौक की ओर बढ़ी. पूरे यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर झांकियों और कलाकारों का भावुक स्वागत किया. इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य आने वाली नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के उच्च आदर्शों, जीवन मूल्यों और भारत की महान सांस्कृतिक व सामाजिक एकता से मजबूती से जोड़ना है.

















