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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समयसीमा को चुनाव आयोग ने एक बार फिर बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 4 नवंबर के बजाय 4 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। इसके साथ ही आम मतदाताओं को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 अक्टूबर तक का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। प्राप्त नोटिस, दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई है।
बीएलओ अब घर जाकर लेंगे दस्तावेज, दफ्तर के चक्करों से राहत
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड में तकनीकी या तार्किक विसंगतियां पाए जाने पर नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने राहत भरा कदम उठाया है। अब ऐसे मतदाताओं को हर मामले में चुनाव कार्यालय जाकर व्यक्तिगत सुनवाई में शामिल होने की बाध्यता नहीं होगी। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) खुद संबंधित मतदाताओं के घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे। इसके बाद इन दस्तावेजों को ‘ईसीआईनेट’ (ECINet) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) अंतिम निर्णय लेंगे।
तकनीकी खामियां और बीएलओ पर काम का बोझ बनी वजह
चुनाव आयोग के मुताबिक समयसीमा में यह संशोधन दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पत्र के बाद किया गया है। सीईओ ने 23 सितंबर को पत्र भेजकर एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। अधिकारियों ने बताया कि ड्राफ्ट सूची के बाद पुन: नाम जुड़वाने के लिए आए नए आवेदनों की संख्या कम रही है। इसके अलावा तकनीकी व्यवधानों और बीएलओ कर्मचारियों पर बढ़े काम के दबाव को देखते हुए अंतिम तिथि आगे बढ़ानी पड़ी है।
चौथी बार बदला गया एसआईआर का शेड्यूल
दिल्ली में 14 मई को एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद से यह चौथा अवसर है जब समयसीमा में संशोधन किया गया है। सबसे पहले अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को जारी होनी थी, जिसे बाद में क्रमशः 19 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और फिर 4 नवंबर किया गया था। अब यह अंतिम रूप से 4 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
ड्राफ्ट सूची से बाहर रहे थे 47 लाख से अधिक नाम
31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली के लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 47.5 लाख नाम शामिल नहीं किए गए थे। गहन भौतिक सत्यापन के दौरान ये मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट पाए गए थे।
ड्राफ्ट सूची में शामिल 97.5 लाख मतदाताओं में से करीब 33.13 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए थे। इनमें से 13.79 लाख मतदाता पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से अपना लिंक सिद्ध नहीं कर पाए, जबकि 19.33 लाख मामलों में फॉर्म में लॉजिकल गलतियां पाई गईं। प्रभावित मतदाता अब 30 अक्टूबर तक अपने दस्तावेज जमा करा सकते हैं, जिनका निपटारा 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।















