नई दिल्ली / लखनऊ / भोपाल: देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे कहीं तपती गर्मी से राहत मिली है तो कहीं आफत खड़ी हो गई है। शनिवार सुबह देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई अचानक तेज बारिश के कारण मौसम तो खुशनुमा हो गया, लेकिन इसका सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा। खराब दृश्यता और मौसम की स्थिति को देखते हुए दिल्ली हवाई अड्डे पर कई उड़ानों के परिचालन में देरी दर्ज की गई। इंडिगो एयरलाइंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों को सूचित किया कि खराब मौसम के चलते उनकी उड़ानें प्रभावित हुई हैं और एयरलाइन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान का तांडव, हादसों में चार लोगों की मौत
एक तरफ जहां दिल्ली में बारिश राहत बनकर आई, वहीं मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की इस दस्तक ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुखद खबर श्योपुर जिले से आ रही है, जहां शुक्रवार को मौसम के बिगड़े मिजाज के कारण हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे। मध्य प्रदेश के कई अन्य इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की भी सूचनाएं हैं।
उत्तर प्रदेश के 54 जिलों में हाई अलर्ट, लखनऊ में दिन में ही छाया अंधेरा
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का व्यापक और रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ सहित आसपास के जिलों में ऐसी तेज आंधी चली कि दिन के उजाले में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। वहीं, हाथरस में हुई भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं, जहां कोतवाली सदर परिसर और आसपास की प्रमुख सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के 54 जिलों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है।
झारखंड-ओडिशा पहुंचा मानसून, अगले 3 दिनों में यूपी-छत्तीसगढ़ में एंट्री
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश भर में मानसून की रफ्तार अब काफी तेज हो गई है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने सफलतापूर्वक झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, अगले तीन दिनों के भीतर मानसून के छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। गौरतलब है कि इस बार 4 जून को केरल के तट पर दस्तक देने के बाद मानसून अब तक देश के 19 राज्यों को कवर कर चुका है।
बारिश के बीच भी बरकरार है गर्मी का सितम, श्रीगंगानगर सबसे गर्म
भले ही देश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून की बौछारें पड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कई राज्यों में झुलसाने वाली गर्मी का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। शुक्रवार को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। राजस्थान का श्रीगंगानगर जिला एक बार फिर सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उमस और गर्मी के इस दोहरे वार से लोग बेहाल हैं।
14 और 15 जून को ओलावृष्टि की चेतावनी, पहाड़ों पर भी बदलेगा मौसम
मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में चेतावनी जारी की है कि 14 और 15 जून को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई मैदानी राज्यों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) हो सकती है। इसके अलावा, पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी और ओले गिरने की प्रबल संभावना है। वहीं, पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य भारत के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ व्यापक वर्षा का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।














