ED Action on Azam Khan: रामपुर जेल से छूटते ही आजम खान को ED ने किया गिरफ्तार; गाजियाबाद PMLA कोर्ट ने 14 दिन की जेल भेजा

गाजियाबाद/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर जेल से रिहा होने के महज कुछ ही मिनटों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रविवार को गाजियाबाद की विशेष ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उन्हें रामपुर जेल के बजाय गाजियाबाद की डासना जिला जेल में रखा जाएगा।

भारी सुरक्षा के बीच CBI अदालत में पेशी

रविवार सुबह करीब 10:30 बजे ED की टीम 5 गाड़ियों के काफिले और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) व उत्तर प्रदेश पुलिस के 100 से अधिक जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच आजम खान को गाजियाबाद स्थित भ्रष्टाचार निरोधक CBI अदालत में लेकर पहुंची। उन्हें विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडे के समक्ष पेश किया गया।

अदालत परिसर पहुंचते समय जब पत्रकारों ने उनसे कुछ बोलने का आग्रह किया, तो उन्होंने बेहद शांत भाव से गाड़ी की खिड़की नीचे कर कहा, “अब क्या रह गया है बोलने को?”

क्या है 494 करोड़ की घपलेबाजी का मामला?

अदालत में ED की ओर से वकील कुलदीप श्रीवास्तव ने दलीलें पेश कीं। करीब 90 मिनट तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत का आदेश सुनाया।

ED सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है।

  • मामले की शुरुआत: साल 2019 में दर्ज 26 मामलों के आधार पर ED ने 1 अगस्त 2019 को PMLA के तहत ECIR (ECIR/07/LKZO/2019) दर्ज की थी।

  • बड़ा वित्तीय घपला: 13 अक्टूबर को रामपुर जेल में पूछताछ के दौरान एजेंसियों को जांच में पता चला कि जौहर ट्रस्ट में करीब 494 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब गायब है। इसके बाद आजम खान और ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा कसा गया।

‘मुस्लिम होने की सजा मिल रही है’ – हिरासत में भावुक हुए आजम खान

शनिवार को आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ ‘डबल पैन कार्ड’ मामले में रामपुर जेल से बाहर आए थे। तभी लखनऊ से आई ED की टीम ने उन्हें कस्टडी में ले लिया, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला को जाने दिया गया।

हिरासत के दौरान आजम खान बेहद भावुक और आक्रामक नजर आए। अपनी धार्मिक पहचान और जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

“कहने को क्या बचा है? मैं क्या कह सकता हूं? कानून का अस्तित्व खत्म हो गया है। क्या यह मुस्लिम होने की सजा है? हमारी गलती यह थी कि एक यूनिवर्सिटी एक मुस्लिम द्वारा बनाई गई थी। यह हमारा अपराध है? हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए, क्या यह हमारा अपराध है?”

कोर्ट के आदेश के बाद अब आजम खान को डासना जेल भेज दिया गया है, जहां उनसे आगे की न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत पूछताछ की जाएगी।

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