गोरखपुर : खतरे के निशान से ऊपर सरयू, राप्ती व रोहिन, सभी तहसीलाें को अलर्ट जारी

फाइल फोटो


 
गोरखपुर : नेपाल में हो रही लगाातर बारिश के कारण सरयू, राप्ती, रोहिन व कुआनों के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। सभी नदियां खतरे के निशान को पार कर गई है जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों को अलर्ट जारी किया है। आने वाले कुछ दिनों में इन नदियों के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होगी। सभी 86 बाढ़ चौकियों को क्रियाशील कर दिया गया है। प्रशासन व सिंचाई विभाग के अफसर लगातार तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं। नेपाल से राप्ती नदी में 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो कि पिछले 50 वर्षों में सर्वाधिक है। अगर नेपाल में अगले दो-तीन दिनाें तक बारिश का क्रम जारी रहता है तो तराई इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

 
राप्ती में सर्वाधिक पानी आने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग के अफसर चौकन्ने हो गए हैं। अगले दो दिनों के भीतर जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होगी। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 

राप्ती और रोहिन की पानी से 56 गांवों की लगभग 4800 अाबादी प्रभावित हो गई है। कैंपियरगंज के सर्वाधिक 52 व सदर तथा सहजनवां तहसील के दो-दो गांव प्रभावित हैं। तीनों तहसीलों में जिला प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए 22 नाव लगाई गई है। इस तरह तीनों तहसीलों में 1781 हेक्टेयर जमीन बाढ़ से प्रभावित हो गई है। तटबंधों पर प्रशासनिक व सिंचाई विभाग के अफसर लगातार दौरा कर रहे हैं। संवदेनशील तटबंधों पर बने रेनकट व रैटहोल को ठीक कराया गया है। अधीक्षण अभियंता गंडक, बाढ़ मंडल दिनेश सिंह के मुताबिक कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं और लगातार उनकी मानीटरिंग की जा रही है। सभी बंधों की 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। सभी रेन कट भरने के साथ ही मिट्टी, सीमेंट की बोरी व अन्य कटाव निरोधक सामग्रियां संवेदनशील स्थलों पर रखी जा रही हैं जिससे किसी भी विषम परिस्थितियों में निपटा जा सके।
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अभी डेढ़ मीटर बढ़ सकता है राप्ती का पानी
अब तक के 50 वर्षों में राप्ती में सर्वाधिक डिस्चार्ज आने के बाद नदी के जल स्तर में डेढ़ मीटर तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। जनपद में 146 गांव ऐसे हैं जो नदी ककी तलहटी में बसे हैं। नदी का पानी जैसे ही खतरे के निशान से ऊपर होता है तो ये गांव पानी से घिर जाते हैं। इनमें से अधिकतर गांवों और खासतौर पर आमी नदी के बीच में कोई तटबंध नहीं होने के कारण पानी आसानी से गांवों में आ जाता है। नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी के कारण एतिहातन हर गांवों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से रोकने के लिए भी अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ऊपरी हिस्सों वाले जनपदों के संपर्क रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। श्रावस्ती, बलरामपुर व सिद्धार्थनगर होकर तीन दिनों के भीतर पानी जिले से गुजरने की उम्मीद है।
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नदी जलस्तर
नदी – स्थल – खतरे का बिंदु – रविवार का जल स्तर – स्थिति
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सरयू : अयोध्या पुल – 92.73 – 92.970 – चढ़ाव
तुर्तीपार – 64.01 – 64.360 – चढ़ाव
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कुआनों – मुखलिसपुर – 78.65 – 76.640 – चढ़ाव
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राप्ती – बर्डघाट – 74.98 – 75.170 – चढ़ाव
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रोहिन – त्रिमुहानी घाट – 82.44 – 83.540 – चढ़ाव

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