भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी से हटने का ऐतिहासिक और चौंकाने वाला फैसला लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए भारतीय महिला टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई है और फैंस के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
बीसीसीआई के साथ रिव्यू मीटिंग के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत कौर द्वारा कप्तानी छोड़ने का यह बड़ा निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के साथ हुई उच्चस्तरीय रिव्यू मीटिंग के ठीक बाद सामने आया है। यह महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग असम के गुवाहाटी में आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने की थी। इस बैठक में भारतीय महिला टीम की ओर से खुद कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी विशेष रूप से मौजूद रहे थे, जहां टीम के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन किया गया।
‘फैसला आसान नहीं था, लेकिन टीम हमेशा रही सबसे आगे’
अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए हरमनप्रीत कौर ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ना उनके लिए बिल्कुल भी आसान फैसला नहीं था। इस पद के साथ उनके जीवन के अनगिनत यादें, गहरे इमोशन और कई त्याग जुड़े हुए हैं।
हरमनप्रीत ने आगे लिखा कि उन्होंने देश की महिला टीम के लिए अपना सबकुछ झोंक दिया है और उनके लिए हमेशा टीम हित ही सर्वोपरि रहा है। एक कप्तान के तौर पर उन्हें कई बार कड़े और मुश्किल फैसले भी लेने पड़े ताकि टीम को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
भारी मन से अलविदा, लेकिन भविष्य को लेकर संतोष
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि वह बेहद भारी मन के साथ कप्तानी छोड़ रही हैं, लेकिन उनके भीतर एक गहरा संतोष भी है कि अब भारतीय टीम पूरी तरह से सुरक्षित और बेहतर हाथों में है। उन्होंने बतौर कप्तान अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाई है।
अब उनके क्रिकेट करियर का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। कप्तानी का यह सफर भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण और प्यार कभी कम नहीं होगा। उन्होंने अपने इस सफर में हर उतार-चढ़ाव और अच्छे-बुरे दौर में साथ निभाने के लिए अपने सभी कोचों, सपोर्ट स्टाफ, साथी खिलाड़ियों और अपने परिवार का दिल से आभार व्यक्त किया है।
शानदार रहा है हरमनप्रीत का कप्तानी सफर
37 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने अपने शानदार नेतृत्व में भारत के लिए कुल 5 टेस्ट मैच, 51 वनडे मुकाबले और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की बागडोर संभाली। बतौर कप्तान उनका आखिरी और सबसे यादगार पल पिछले महीने आया, जब उन्होंने अपनी शानदार कप्तानी के दम पर भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाया था। उनके इस योगदान को भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में याद रखा जाएगा।


















