लखनऊ । बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अनब’ ने पूरे उत्तर प्रदेश में तबाही जैसी स्थिति पैदा कर दी है। पिछले 36 घंटों से अवध और पूर्वांचल समेत राज्य के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 8 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, वहीं प्रदेश के 32 जिलों पर अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा मंडरा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लखनऊ, रायबरेली, श्रावस्ती और मिर्जापुर समेत 50 से अधिक जिलों में 26 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
50 से ज्यादा शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कों पर जमा हुआ पानी
प्रदेश के 50 से अधिक छोटे-बड़े शहरों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, प्रतापगढ़, पीलीभीत, शाहजहाँपुर और बस्ती जैसे प्रमुख जिलों में भारी जलभराव से सड़कें और बाजार ताल-तलैया में तब्दील हो गए हैं। अमेठी में पुलिस और प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर द्वारा मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं लखनऊ और गोंडा में पिछले 36 घंटों से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं और लगातार झमाझम बारिश जारी है।
श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अलर्ट
श्रावस्ती में मूसलाधार बारिश से नेशनल हाईवे-730 जलमग्न हो गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत और नेपाल के कैचमेंट एरिया में हो रही रिकॉर्ड बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। स्थिति की नाजुकता को देखते हुए तटीय गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
तेज हवाओं से फसलें चौपट, किसानों की बढ़ी चिंता
ग्रामीण इलाकों से आ रही खबरें किसानों का कलेजा कंपाने वाली हैं। खेतों में कई फीट पानी भर जाने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन की टीमें राजस्व कर्मियों के साथ नुकसान का आकलन करने के लिए मुआयना कर रही हैं।
32 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, राहत आयुक्त ने जारी की एडवाइजरी
राहत आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश के 32 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी करते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें। नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग के अनुसार श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू है।
सीएम योगी ने संभाली कमान, अधिकारियों को दिए ग्राउंड जीरो पर उतरने के निर्देश
हालातों पर सीधी नजर रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के आलाधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि अधिकारी खुद जलभराव और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें, राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित करें और नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम को एक्टिव मोड पर रखा गया है।
26 सितंबर को कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद, जारी हुए सख्त आदेश
खराब मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
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लखनऊ: कक्षा 1 से 12 तक के सभी राजकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 26 सितंबर को पूर्णतः बंद रहेंगे।
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रायबरेली: जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेश पर कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्डों के स्कूल बंद किए गए हैं।
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श्रावस्ती: भारी बारिश के चलते परिषदीय व मान्यता प्राप्त स्कूलों में ‘RAINY DAY’ का अवकाश घोषित किया गया है, हालांकि शिक्षकों को प्रशासनिक कार्य पूरा करना होगा।
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मिर्जापुर: जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रखे गए हैं।














