उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का तांडव: केदारनाथ में भूस्खलन से एक मासूम की मौत, 1500 श्रद्धालु रेस्क्यू, 10 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम ने विकराल रूप ले लिया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, उत्तराखंड में केदारनाथ पैदल मार्ग पर लगातार दूसरे दिन हुए भीषण भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पहाड़ से गिरे पत्थरों और मलबे की चपेट में आने से एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रास्ते में फंसे 1,500 से अधिक श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया गया है।

बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट पर गहरा निम्न दबाव

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार देर रात करीब ढाई बजे विशेष वेदर बुलेटिन जारी किया। IMD के अनुसार, उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट से सटा गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र (Deep Depression) 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और क्यैकटो के पास म्यांमार तट को पार कर गया। तट पार करते समय हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर देश के बड़े हिस्से में मौसम खराब कर रहे हैं।

9 राज्यों में आज आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने मंगलवार (29 सितंबर) को देश के उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के 9 से ज्यादा राज्यों में तेज हवाओं, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है:

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: 29 सितंबर से 4 अक्तूबर के बीच कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका। हिमाचल की 61 सड़कों पर बर्फबारी और बारिश के कारण यातायात पूरी तरह ठप है।

  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: 29 सितंबर तथा 2 से 4 अक्तूबर के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।

  • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: छिटपुट स्थानों पर 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना।

  • उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में अगले 48 घंटों के दौरान बिजली कड़कने और आंधी-बारिश का अनुमान।

IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अगले 36 घंटों में पहाड़ों से आगे निकल जाएगा, जिसके बाद निचले स्तरों पर उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चलेंगी और बुधवार से मौसम में सुधार देखने को मिलेगा, हालांकि उमस बढ़ सकती है।

पहाड़ों पर 5 फीट तक बर्फबारी, व्यास घाटी में फसलें तबाह

उत्तराखंड की व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग और कुटी क्षेत्र में 2 से 5 फीट तक ताजा बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इससे कुटी को आदि कैलाश से जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। बर्फबारी से पर्यटक तो रोमांचित हैं, लेकिन बर्फ के नीचे फसलें दब जाने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी चिंता व्याप्त है।

बिहार में उफान पर नदियां: 82 हजार लोग प्रभावित

नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बिहार की गंडक, कोसी और बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले में करीब 82,000 लोग बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं, जहां राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

नेपाल में तबाही: नगर पालिका भवन नदी में समाया, क्रूज शिप टकराया

नेपाल में बारिश और बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है:

  • इमारत ढही: बांगलुंग में नगर पालिका भवन का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज कटाव में ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी में समा गया।

  • क्रूज शिप हादसा: नारायणी नदी में तेज बहाव के कारण बंधे हुए क्रूज शिप की रस्सियां टूट गईं, जिससे शिप 100 मीटर तक बहता हुआ पुल के पिलर से टकरा गया।

  • मनांग हिमस्खलन: 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप पर रविवार को आए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जबकि 8 लोग अभी भी लापता हैं। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

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