
अमेरिका के जॉर्जिया राज्य का फोरसिथ काउंटी (Forsyth County) अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गहरे नस्लीय तनावों के लिए जाना जाता है। इस ऐतिहासिक काउंटी में 3 नवंबर को होने वाले मिड-टर्म स्थानीय चुनावों में एक बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मूल की महिला शुचिता पटेल (Shuchita Patel) डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर काउंटी कमिश्नर के पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं।
शुचिता पटेल फोरसिथ काउंटी से चुनाव लड़ने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं। उनका मुकाबला एक ऐसे शक्तिशाली रिपब्लिकन नेता से है, जो पिछले 16 वर्षों से लगातार बिन किसी कड़े विरोध के चुनाव जीतता आ रहा है। शुचिता का मुख्य उद्देश्य इलाके में बने डर के माहौल को खत्म करना, अपने प्रवासी (भारतीय) समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना और बच्चों के लिए एक बेहतर, सुंदर व सुरक्षित समाज का निर्माण करना है।
1912 का खौफनाक इतिहास और फोरसिथ काउंटी का काला अतीत
फोरसिथ काउंटी का इतिहास काफी हिंसक और नस्लीय भेदभाव से भरा रहा है। वर्ष 1912 में यहां नस्लीय हिंसा और भीड़ द्वारा हत्या (लिंचिंग) की खौफनाक घटनाएं हुई थीं। उस दौरान स्थानीय श्वेत आबादी और कु क्लक्स क्लैन (KKK) जैसे कट्टरपंथी समूहों ने बलपूर्वक लगभग पूरी अश्वेत (ब्लैक) आबादी को यहां से बाहर खदेड़ दिया था। इसके बाद कई दशकों तक यह इलाका मुख्य रूप से श्वेत लोगों का दबदबा वाला क्षेत्र बना रहा। ऐसे माहौल में शुचिता पटेल की उम्मीदवारी इस क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का एक बड़ा प्रतीक मानी जा रही है।
डेट्रॉइट में जन्म, 1993 से नॉर्थ जॉर्जिया को बनाया अपना घर
नॉर्थ जॉर्जिया की रहने वाली शुचिता पटेल का जन्म अमेरिका के डेट्रॉइट (Detroit) शहर में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से भारत से ताल्लुक रखते हैं। शुचिता वर्ष 1993 में नॉर्थ जॉर्जिया आईं और तब से वहीं स्थायी रूप से बस गईं। उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा यहीं प्राप्त की, अपना प्रोफेशनल करियर बनाया और अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण भी यहीं किया।
अपनी उम्मीदवारी पर बात करते हुए शुचिता का कहना है, “यह मेरे लिए कोई महज राजनीतिक कैंपेन स्टॉप नहीं है, बल्कि यह मेरा असली घर है।”
फाइनेंस और कंट्रोलरशिप में 15 साल का लंबा अनुभव
पेशे से फाइनेंस क्षेत्र की एक वरिष्ठ और अनुभवी प्रोफेशनल शुचिता पटेल के पास FP&A (फाइनेंशियल प्लानिंग एंड एनालिसिस), कंट्रोलरशिप और कंप्लायंस का लगभग 15 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्मों से लेकर स्थानीय स्तर के कई बड़े व्यवसायों में अपनी सेवाएं दी हैं।
अपने वित्तीय ज्ञान के बल पर उनका कहना है कि वे सरकारी बजट और वित्तीय प्रक्रियाओं को गहराई से समझती हैं। वे सही सार्वजनिक निवेश और महज दिखावे वाली निजी डील्स के अंतर को आसानी से समझ सकती हैं, जिससे वे काउंटी के बजट में किसी भी तरह की गड़बड़ी या छुपाए गए तथ्यों को उजागर करने में सक्षम हैं।
प्रवासियों की पहली पीढ़ी की बेटी: जीवन का मूल मंत्र
शुचिता पटेल ने अपने जीवन दर्शन और मूल मंत्र के बारे में बताते हुए कहा, “मैं उन प्रवासियों की पहली पीढ़ी की बेटी हूं, जिन्होंने मुझे यह सिखाया कि अगर आप दूसरों को अपने साथ लेकर आगे नहीं बढ़ते, तो आपकी व्यक्तिगत सफलता का कोई बड़ा मतलब नहीं रह जाता। यह मेरे लिए कोई राजनीतिक टैगलाइन नहीं है, बल्कि मेरी परवरिश का हिस्सा है। मैं एक माता-पिता, एक संवेदनशील पड़ोसी और अब एक प्रत्याशी के रूप में इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही हूं।”


















