मध्य अफ्रीका के लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DR Congo) से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिमी शहर किकवित से राजधानी किंशासा लौट रहा सेना का एक विमान केंगे इलाके के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मिलिट्री कोर्ट के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुटोम्बो कटालायी टिएंडे और सशस्त्र बलों के ऑडिटर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल बाकुमी लिकुलिया समेत विमान में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेन्गे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस भीषण हादसे और जानमाल के नुकसान की पुष्टि की है।
हवा में बिगड़ी विमान की हालत, केंगे के पास गिरते ही लगी भीषण आग
स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक विमान में कोई गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट ने नियंत्रण खो दिया। क्वांगो प्रांत के उप राज्यपाल रेमी साकी बोकिंडा ने बताया कि पायलट ने स्थिति को संभालते हुए केंगे में विमान को आपातकालीन स्थिति में उतारने की कोशिश की थी, लेकिन विमान असंतुलित होकर एक प्लॉट में जा गिरा। जमीन से टकराते ही विमान में भीषण आग लग गई। इस विमान में दोनों वरिष्ठ जनरलों के अलावा उनके प्रतिनिधिमंडल के 12 सदस्य और क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं रही।
हादसे के कारणों की जांच शुरू, सिविल एविएशन अथॉरिटी ने दिए आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरा विमान जलकर खाक हो चुका था। कांगो की सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन ट्रिफोन किन-कीये मुलुम्बा ने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल सेना की विशेषज्ञ टीमों ने भी अपने स्तर पर विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विमान में किस तरह की खराबी आई थी।
सुरक्षा संकट के बीच कांगो सेना को लगा सबसे बड़ा झटका
यह भीषण हादसा ऐसे वक्त में हुआ है जब कांगो देश में गंभीर सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। देश की सेना पूर्वी हिस्से में रवांडा समर्थित M23 विद्रोही गुट सहित कई अन्य सशस्त्र समूहों के खिलाफ लगातार सैन्य अभियान चला रही है। हाल के महीनों में M23 विद्रोही गुट ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कई अहम इलाकों और प्रमुख शहरों पर कब्जा जमाया है। युद्ध और संकट के इस नाजुक दौर में दो सबसे शीर्ष सैन्य अधिकारियों की अचानक मौत को कांगो की सेना और सरकार के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
















