झारखंड के चतरा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद वीभत्स मामला सामने आया है, जहां महज 12 साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने का आरोप मृत बच्ची के ही तीन नाबालिग दोस्तों पर लगा है. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखने के बाद इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया. हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शातिर तरीके से शव को एक पेड़ से तौलिये के सहारे लटका दिया गया था. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लड़कियों समेत कुल पांच नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
जंगल में पेड़ से लटका मिला था मासूम का शव
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक सुनसान जंगल में 16 अक्टूबर को 12 वर्षीय बच्ची का शव एक पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला था. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी. घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ. जब पुलिस ने तकनीकी रूप से उस मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री और डिजिटल डेटा को खंगाला, तो उसमें अश्लील वीडियो देखे जाने के पुख्ता साक्ष्य हाथ लगे, जिससे इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझती चली गई.
तीन नाबालिगों पर दुष्कर्म और गला घोंटकर हत्या का आरोप
चतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनीमेष नैथानी ने मीडिया को जानकारी दी कि मृत बच्ची के तीन दोस्तों पर ही इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने का गंभीर आरोप है. शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल पांच नाबालिगों को हिरासत में लिया है, जिसमें दो लड़कियां भी शामिल हैं. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हिरासत में ली गई दोनों लड़कियों पर मुख्य आरोपी लड़कों की मदद करने और साक्ष्य छिपाने का प्रयास करने का आरोप है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर पकड़े जाने के डर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद वारदात को सुसाइड (आत्महत्या) दिखाने के लिए शव को तौलिये की मदद से पेड़ पर लटका दिया गया था.
मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से खुला राज, पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी लड़कों ने स्वीकार किया कि वे 16 अक्टूबर को एक सुनसान जगह पर मिले थे और मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देख रहे थे. मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से मिले डिजिटल सुरागों ने पुलिस को सीधे आरोपियों तक पहुंचा दिया.
मृत बच्ची के पिता के विलाप और उनके औपचारिक बयान के आधार पर पुलिस ने 17 अक्टूबर को सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के साथ-साथ बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाला कड़ा कानून पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) भी लागू किया गया है. पुलिस इस सनसनीखेज मामले के हर पहलू की बेहद बारीकी से जांच कर रही है.

















