नई दिल्ली। अमेरिका में ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को निशाना बनाने की कथित साजिश के मामले में 26 वर्षीय ट्रांसजेंडर महिला राइली इंग्लिश को छह साल और एक महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इंग्लिश जनवरी 2025 में पेट्रोल बम लेकर वॉशिंगटन पहुंची थी और उसने पुलिस को बताया था कि वह बेसेंट की सीनेट कन्फर्मेशन के दिन उन्हें मारने के इरादे से आई थी।
इंग्लिश ने अदालत में कहा कि उस समय वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी और ड्रग्स का इस्तेमाल कर रही थी। उसने जज से कहा कि उसका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था और वह हिंसक व्यक्ति नहीं है।
कोर्ट ने सुनाई छह साल से ज्यादा की सजा
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज रुडोल्फ कॉन्ट्रेरास ने इंग्लिश को छह साल और एक महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उसे तीन साल तक निगरानी में रिहा रखा जाएगा। गिरफ्तारी के बाद से वह हिरासत में है, इसलिए जेल में बिताए करीब 20 महीनों का समय उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।
जज कॉन्ट्रेरास ने सुनवाई के दौरान कहा कि इंग्लिश की जिंदगी काफी मुश्किल रही है और उम्मीद जताई कि हिरासत के दौरान हुई प्रगति उसे आगे बेहतर रास्ते पर ले जाएगी।
10 साल की सजा की मांग कर रहा था अभियोजन
सरकारी वकीलों ने इंग्लिश के लिए 10 साल की जेल की सजा की मांग की थी। असिस्टेंट अमेरिकी अटॉर्नी ब्रेंडन होरान ने कहा कि इंग्लिश कथित राजनीतिक हत्या की योजना कम से कम एक महीने से बना रही थी। अभियोजन ने इसे ऐसे समय में गंभीर खतरा बताया, जब अमेरिका में राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
हालांकि, अदालत ने छह साल और एक महीने की सजा सुनाई। जज ने यह भी कहा कि इंग्लिश के साथ जुड़े मानसिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को मामले में ध्यान में रखा गया।
27 जनवरी 2025 को कैपिटल पहुंची थी
अभियोजन के मुताबिक, इंग्लिश 27 जनवरी 2025 को अपने साथ घर में बनाए गए पेट्रोल बम लेकर अमेरिकी कैपिटल पहुंची थी। हालांकि, जज ने कहा कि इन उपकरणों में आग पकड़ने की क्षमता नहीं थी।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान इंग्लिश ने बेसेंट को निशाना बनाने की बात कही थी। उसने यह भी बताया कि वह उस समय गंभीर मानसिक तनाव और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जूझ रही थी।
लुइगी मैंगियोन से प्रभावित होने का दावा
अभियोजन पक्ष ने बताया कि इंग्लिश ने पुलिस को कहा था कि वह लुइगी मैंगियोन से प्रभावित थी। मैंगियोन पर यूनाइटेडहेल्थकेयर के CEO की हत्या का आरोप है।
सरकारी वकीलों के मुताबिक, इंग्लिश ने जांच अधिकारियों से कहा था कि वह खुद को एक ‘मिशन’ पर मान रही थी और कुछ समय से इस तरह की कार्रवाई के बारे में सोच रही थी। उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और मरने से पहले कुछ करना चाहती थी।
बेसेंट के अलावा इन नेताओं को भी निशाना बनाने की बात
पुलिस के अनुसार, इंग्लिश ने पूछताछ में बताया कि वह मैसाचुसेट्स से वॉशिंगटन इस इरादे से निकली थी कि वह अन्य रिपब्लिकन नेताओं को भी निशाना बनाएगी। इनमें डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन के नाम शामिल थे।
उसने कथित तौर पर कंजर्वेटिव थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन को आग लगाने की योजना का भी जिक्र किया था। बाद में बेसेंट की सीनेट कन्फर्मेशन हियरिंग से जुड़ी एक ऑनलाइन पोस्ट देखने के बाद उसने अपना कथित मुख्य निशाना बदल लिया।
जज ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जज कॉन्ट्रेरास ने कहा कि उपलब्ध परिस्थितियों से ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता कि घटना के समय इंग्लिश पूरी तरह सोच-समझकर सामान्य तरीके से निर्णय ले रही थी। वहीं अभियोजन पक्ष ने उसके बयानों और तैयारियों को गंभीर राजनीतिक हिंसा की योजना से जोड़ते हुए कड़ी सजा की मांग की थी।
फिलहाल अदालत के फैसले के बाद इंग्लिश को छह साल और एक महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी, जिसमें पहले से हिरासत में बिताया गया समय भी शामिल होगा।













