नागोया। एशियन पैरा गेम्स के चौथे दिन भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। भारत ने आज अब तक कुल चार नए पदक अपनी झोली में डाले हैं, जिनमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 66 (15 स्वर्ण, 22 रजत और 29 कांस्य) हो गई है। पदक तालिका में भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर मजबूती से बना हुआ है।
सुवर्णा राज ने थ्रो में दिखाया दम, भारत की झोली में डाला स्वर्ण पदक
महिला डिस्कस थ्रो F54 स्पर्धा में भारत की अनुभवी पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने स्वर्णिम सफलता हासिल की। सुवर्णा ने अपने पांचवें प्रयास में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने मुकाबले की शुरुआत में पहले प्रयास में 13.68 मीटर और दूसरे प्रयास में 15.09 मीटर की दूरी तय की थी। इस स्पर्धा में ईरान की शाहिद हबीबी (15.45 मीटर) को रजत पदक मिला, जो सुवर्णा से महज 21 सेंटीमीटर पीछे रह गईं। वहीं, वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थुई ने 14.65 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
कौन हैं स्टार पैरा एथलीट सुवर्णा राज?
व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाली सुवर्णा राज भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पैरा एथलीट हैं। वह तीन एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और साल 2017 से लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का तिरंगा लहरा रही हैं। हाल ही में जनवरी 2026 की कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण और शॉट पुट में रजत जीता था, जिसके बाद दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया था। खेलों के अलावा सुवर्णा दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता (Accessibility) के लिए एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय हैं। वह अब तक 1,000 से अधिक सुगम्यता ऑडिट कर चुकी हैं और उनके योगदान के लिए उन्हें 2015 में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
तीरंदाज स्वाति चौधरी ने रचा इतिहास, W1 स्पर्धा में जीता पहला रजत
भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में स्वाति चौधरी ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा के कड़े फाइनल मुकाबले में स्वाति को चीन की सेन मेंगकान से 4-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद वे रजत पदक जीतने में सफल रहीं। इस ऐतिहासिक पदक के साथ स्वाति एशियन पैरा गेम्स की महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। नागोया के खेल परिसर में स्वाति का यह प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है।
बैडमिंटन के मिश्रित युगल में आए दो कांस्य पदक, फाइनल में पहुंचे नितेश-थुलासिमथी
बैडमिंटन स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कांस्य पदकों पर कब्जा जमाया। मिश्रित युगल SL3-SU5 वर्ग में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इस भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की लेआनी रात्री ओक्टिला और हिकमत रामदानी के खिलाफ पहला गेम 21-16 से जीता, लेकिन अगले दो गेम 13-21, 17-21 से गंवा दिए।
वहीं, मिश्रित युगल SH6 वर्ग में कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवन की जोड़ी को सेमीफाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया की रीना मार्लीना और सुब्हान के हाथों हार का सामना करना पड़ा और उन्हें कांस्य पदक मिला। दूसरी ओर, थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की जोड़ी ने फाइनल में प्रवेश कर भारत के लिए एक और पदक पक्का कर उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

















