इंदौर में हैवानियत: नामी डॉक्टर ने दंपत्ति को 8 महीने तक बनाया बंधक, महिला से दुष्कर्म के बाद छीन ले गया नवजात बच्चा

इंदौर: स्वच्छता में नंबर-1 शहर इंदौर से एक ऐसा रूहानी कांप जाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल से जुड़े एक रसूखदार डॉक्टर पर आरोप है कि उसने कर्ज में डूबे एक दंपत्ति को मदद का झांसा देकर न केवल जाल में फंसाया, बल्कि महिला को 8 महीने तक बंधक बनाकर उसके साथ दरिंदगी की। इतना ही नहीं, डिलीवरी के बाद आरोपी डॉक्टर ने नवजात बच्चे को भी जबरन छीन लिया और दंपत्ति को जान से मारने की धमकी दी।

कर्ज चुकाने के नाम पर बुना ‘सरोगेसी’ का खौफनाक जाल

पीड़ित दंपत्ति के मुताबिक, प्रेम विवाह के बाद उन पर काफी कर्ज हो गया था। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए एक परिचित ने उन्हें शहर के एक नामी डॉक्टर से मिलवाया। डॉक्टर ने खुद को आईवीएफ (IVF) और सरोगेसी विशेषज्ञ बताते हुए उनका लोन सेटल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शुरू हुआ धमकियों और धोखे का वो सिलसिला, जिसने दंपत्ति की जिंदगी नर्क बना दी। आरोपी ने कई ब्लैंक स्टाम्प पेपर और आधार कार्ड की कॉपियां लेकर उन्हें अपने चंगुल में फंसा लिया।

नशीला पदार्थ पिलाकर किया रेप, CCTV की निगरानी में रखा कैद

हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि डॉक्टर ने पहले तीन बार महिला का आईवीएफ करवाया, लेकिन जब वह फेल हो गया, तो उसने अपना असली रंग दिखाया। आरोपी महिला को शहर के एक नामी होटल में ले गया, जहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। गर्भवती होने के बाद दंपत्ति को एक फ्लैट में कैद कर दिया गया, जहां उन पर ऑडियो वाले CCTV कैमरों के जरिए 24 घंटे नजर रखी जाती थी।

अस्पताल से बाहर निकलते ही छीन लिया ‘जिगर का टुकड़ा’

घटना का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब महिला ने ‘मदरहुड हॉस्पिटल’ में एक बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही डॉक्टर और उसके गुर्गों ने दंपत्ति से उनका बच्चा छीन लिया। विरोध करने पर पति का मोबाइल फॉर्मेट कर दिया गया और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में जब दंपत्ति ने बच्चे से मिलने की गुहार लगाई, तो उन्हें दशहरा मैदान बुलाकर कनपटी पर पिस्टल तान दी गई।

फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और विदेश भागने की साजिश

पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपी डॉक्टर ने बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) और फर्जी क्षतिपूर्ति दस्तावेज भी तैयार करवा लिए हैं। दंपत्ति को डर है कि आरोपी डॉक्टर बच्चे को लेकर विदेश भाग सकता है या उसकी जान को खतरा पहुंचा सकता है। एडवोकेट कुन्हारे ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि भारत में ‘कमर्शियल सरोगेसी’ पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके रसूखदार लोग मजबूर महिलाओं का शोषण कर रहे हैं।

फिलहाल, इंदौर महिला थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पीड़िता और बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभी आरोपी डॉक्टर के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने पूरे मेडिकल जगत को कटघरे में खड़ा कर दिया है।


 

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