Jalaun : रामपुरा-भीखेपुर स्टेट हाईवे-152 पर रामपुरा और जगम्मनपुर के बीच महूटा के पास निर्मित लघु सेतु की एप्रोच सड़क धंस जाने से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। सड़क का एक हिस्सा करीब एक फुट तक धंस गया है, जिससे पुल की एप्रोच पर गहरा गड्ढा बन गया है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है, लेकिन एप्रोच की मिट्टी बैठ जाने से नवनिर्मित सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान मानकों के अनुरूप मिट्टी का भराव और सुदृढ़ीकरण किया गया होता, तो सड़क इतनी जल्दी नहीं धंसती।
यह मार्ग रामपुरा, जगम्मनपुर होते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, भिंड, ग्वालियर और कानपुर सहित उत्तर-पश्चिमी भारत को जोड़ने वाला प्रमुख राज्य मार्ग है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया, मालवाहक तथा यात्री वाहन गुजरते हैं। सड़क धंसने के कारण विशेष रूप से रात के समय वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनजान वाहन चालक क्षतिग्रस्त हिस्से का अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी शिवराज सिंह, तहसीलदार सिंह, जगजोर सिंह, सौरभ सिंह सहित कई लोगों ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क का धंस जाना गुणवत्ता की पोल खोल रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है।
क्षेत्रीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त एप्रोच सड़क की मरम्मत कराने, सुरक्षा की दृष्टि से चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग लगाने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि रामपुरा-जगम्मनपुर के बीच नवनिर्मित लघु सेतु की एप्रोच पर बरसात के कारण मिट्टी बैठ जाने से सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसे शीघ्र ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।









