दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर, जो करीब 33 सालों तक देशभर के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों की आवाज बना रहा, अब पूरी तरह बदल गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा इसे आधिकारिक धरना स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद आज यहां से सुरक्षा की कई लेयर वाली बैरिकेडिंग को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके साथ ही सड़क को आम जनता और वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
सुरक्षा बल और एंटी-राइट व्हीकल्स हटाए गए
सालों से जंतर-मंतर पर तैनात रहने वाली पैरामिलिट्री फोर्स (Paramilitary Forces), क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और एंटी-राइट व्हीकल्स (Anti-Riot Vehicles) की तैनाती को अब वापस ले लिया गया है। लंबे समय से सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण इस मार्ग पर सामान्य यातायात बुरी तरह प्रभावित रहता था, लेकिन अब बैरिकेडिंग हटने से आसपास के इलाके में आने-जाने वाले वाहन चालकों और आम लोगों को भारी राहत मिलेगी।
1993 से विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है जंतर-मंतर
साल 1993 में जंतर-मंतर को दिल्ली के प्रमुख आधिकारिक धरना स्थल के तौर पर नोटिफाई किया गया था। तब से लेकर अब तक:
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देश के कोने-कोने से किसान, कर्मचारी संघ, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल अपनी मांगों को लेकर यहां पहुंचते रहे।
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संसद और सत्ता के केंद्र के करीब होने के कारण यह जगह राष्ट्रीय स्तर पर विरोध दर्ज कराने का सबसे बड़ा ठिकाना बनी रही।
हालिया CJP प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद लिया गया फैसला
अक्टूबर महीने में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला था। 10 अक्टूबर को भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
इसके बाद 11 अक्टूबर को गृह मंत्रालय (MHA) की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से धरना स्थल का दर्जा वापस ले लिया।
दिल्ली में अब 3 नए वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल निर्धारित
जंतर-मंतर पर अब किसी भी तरह के धरने या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के लिए तीन नए वैकल्पिक स्थल तय किए गए हैं:
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रामलीला मैदान (मध्य दिल्ली)
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बुराड़ी मैदान (उत्तर दिल्ली)
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CBD मैदान (पूर्वी दिल्ली)
अब भविष्य में दिल्ली में किसी भी विरोध प्रदर्शन या आंदोलन के आयोजन के लिए आयोजकों को इन्हीं तीन निर्धारित स्थलों के लिए पुलिस से अनुमति लेनी होगी।



















