
एआई तकनीक से रची गई खौफनाक साजिश
उत्तर प्रदेश के झांसी मंडल में तैनात रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को निशाना बनाकर साइबर अपराध का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कर्नाटक के हुबली की रहने वाली 27 वर्षीय आरोपी मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी ने अपने साथियों के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से अधिकारी और उनके परिजनों की सामान्य तस्वीरों को आपत्तिजनक स्वरूप में बदल दिया। इसके बाद इन फर्जी तस्वीरों को अधिकारी के व्हाट्सएप पर भेजकर इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी गई और 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
बदनामी के खौफ में दिए 40 हजार, घर पहुंचकर दी धमकी बदनामी के डर से अधिकारी के परिवार ने किस्तों में आरोपी को 40 हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बावजूद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला नहीं थमा। दुस्साहस दिखाते हुए आरोपी मरीना 2 जून को सीधे अधिकारी के आवास पर जा पहुंची। वहां उसने अधिकारी और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की तथा पैसे न देने पर जान से मारने व झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी।
पत्नी की हिम्मत से बेनकाब हुई आरोपी लगातार मिल रही प्रताड़ना के बीच अधिकारी की पत्नी अंकिता भारद्वाज ने हिम्मत दिखाई और 2 अगस्त को झांसी के नवाबाद थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। अपर पुलिस अधीक्षक सिमरन सिंह के निर्देशन में सर्विलांस टीम ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की, जो प्रयागराज में मिली। इसके बाद झांसी पुलिस ने प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र स्थित एक रेलवे गेस्ट हाउस में दबिश देकर मरीना को गिरफ्तार कर लिया।
लैपटॉप और मोबाइल बरामद, कोर्ट ने भेजा जेल खुल्दाबाद थाना प्रभारी केशव दास वर्मा के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्वीरों को एडिट करने में किया जाता था। प्रयागराज से ट्रांजिट रिमांड पर झांसी लाई गई आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पत्नी की त्वरित सूझबूझ से अधिकारी एक बड़े साइबर ब्लैकमेलिंग रैकेट का शिकार होने से बच गए।










