
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के ₹30,213 करोड़ के ऐतिहासिक आईपीओ (IPO) के लिए निवेशकों का जबरदस्त उत्साह तीसरे और अंतिम दिन भी लगातार बना हुआ है। यह मेगा इश्यू बुधवार को खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया था, जो भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है।
तीसरे दिन किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन?
आईपीओ के अंतिम दिन सुबह 9:45 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, इस विशाल इश्यू को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिला है और यह कुल मिलाकर 5.81 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी की ओर से कुल 19.75 करोड़ (19,75,25,934) शेयर ऑफर किए गए थे, जिसके मुकाबले बाजार में अब तक 114.69 करोड़ (1,14,69,30,372) से अधिक शेयरों के लिए बोलियां आ चुकी हैं।
कैटेगरी के लिहाज से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे बने हुए हैं, जिनका कोटा 13.31 गुना भर चुका है। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) का हिस्सा 6.68 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसके अलावा, शेयरधारकों का रिजर्व कोटा 4.41 गुना, कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.20 गुना और रिटेल निवेशकों (RIIs) का कोटा 1.66 गुना सब्सक्राइब हो गया है।
| क्र.सं. | कैटेगरी (Category) | ऑफर किए गए शेयर | कितने शेयरों की बोली लगी | कितने गुना सब्सक्रिप्शन |
| 1 | क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) | 4,90,07,827 | 65,23,31,292 | 13.31 |
| 2 | नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) | 3,64,44,569 | 24,35,62,080 | 6.68 |
| 3 | रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) | 8,50,37,327 | 14,09,80,920 | 1.66 |
| 4 | कर्मचारियों के लिए रिजर्व | 46,94,835 | 1,03,43,268 | 2.20 |
| 5 | शेयरधारकों के लिए रिजर्व | 2,23,41,376 | 9,85,46,676 | 4.41 |
| – | कुल (Total) | 19,75,25,934 | 1,14,69,30,372 | 5.81 |
इससे पहले, एंकर निवेशकों के हिस्से के तहत कंपनी ने एलआईसी, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे प्रमुख घरेलू व वैश्विक संस्थानों से ₹8,110 करोड़ जुटाए थे, जबकि एंकर बुक के लिए लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की भारी-भरकम मांग आई थी।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और लिस्टिंग के संकेत
अनौपचारिक ग्रे मार्केट (Grey Market) में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर निवेशकों में जबर्दस्त क्रेज देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹246 प्रति शेयर के आसपास चल रहा है, जो इसके ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 22 प्रतिशत के प्रीमियम का मजबूत संकेत देता है। इस प्रीमियम के आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग ₹1,365 के आसपास होने का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि, इससे पहले जीएमपी ₹275 के स्तर तक भी पहुंचा था, जो 25 प्रतिशत तक के लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा था।
इश्यू का आकार, प्राइस बैंड और वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने अपने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल बाजार मूल्यांकन (Market Valuation) लगभग ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है।
वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत और लगातार वृद्धि दर्ज की है:
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राजस्व (Revenue): कंपनी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2024 के ₹1,09,558 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹1,46,885 करोड़ पर पहुंच गया है।
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इबिटडा (EBITDA): कंपनी का इबिटडा ₹54,341 करोड़ से बढ़कर ₹73,382 करोड़ हो गया है, और इसका इबिटडा मार्जिन शानदार 50% पर है।
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शुद्ध लाभ (PAT): शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 के ₹21,422 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹30,064 करोड़ दर्ज किया गया।
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एआरपीयू (ARPU): प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) FY24 के ₹181.7 से सुधरकर जून 2026 तिमाही में ₹215.6 हो गया है।
ब्रोकरेज हाउस की क्या है राय?
देश के प्रमुख ब्रोकरेज घरानों ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मजबूत फंडामेंटल्स के चलते ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है:
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मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट: ब्रोकरेज ने लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के निवेश दोनों के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। फर्म ने जियो के 53.33 करोड़ के विशाल ग्राहक आधार, इन-हाउस 5G तकनीक और 7,220 से अधिक पेटेंट आवेदनों को इसकी मुख्य ताकत बताया है।
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स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट: भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, होम ब्रॉडबैंड के विस्तार और ARPU में सुधार के दम पर इस पर दांव लगाने की सिफारिश की है।
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सेंट्रम ब्रोकिंग: ब्रोकरेज ने EBITDA के 12 गुना मल्टीपल पर कंपनी की इक्विटी वैल्यूएशन ₹11.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान जताया है।
पारंपरिक टेलीकॉम सेवाओं के साथ-साथ जियो अब क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे आधुनिक डिजिटल वर्टिकल्स में तेजी से विस्तार कर रहा है, जो इसे भविष्य की तकनीकी क्रांति में सबसे आगे खड़ा करता है।


















