kannauj : खौफनाक! सौरिख सीएचसी में खून से सनी चादरों पर इलाज कराने को मजबूर मरीज, संक्रमण का बढ़ा बड़ा खतरा

  • सौरिख सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में बदहाली
  • संक्रमण का बढ़ा खतरा: रोज़ाना सैकड़ों ग्रामीणों और एक्सप्रेस-वे हादसों के घायलों का होता है इलाज
  • बजट न होने का रोना: प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले–धुलाई के लिए नहीं मिलता पैसा

Saurikh, Kannauj : नगर के शंकरपुर रोड पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के हालात इतने खराब हैं कि बेडों पर घायलों के खून से सनी चादरें बिछी हुई हैं, जिससे यहां भर्ती होने वाले मरीजों में संक्रमण फैलने का हर वक्त खतरा बना रहता है। गंदी चादरों और सिंक में फैली गंदगी के बीच मरीज मजबूरी में इलाज कराने को विवश हैं।

नियमों की अनदेखी, सफाई व्यवस्था ध्वस्त शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अस्पताल के बेडों पर प्रतिदिन अलग-अलग रंग की साफ चादरें बिछाई जाएं। इसके उलट, सौरिख सीएचसी में चादरें तक नहीं बदली जाती हैं। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारी तैनात होने के बावजूद साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।

बड़ा क्षेत्र, फिर भी अनदेखी

यह अस्पताल 50 बेड के महिला वार्ड और 30 बेड के पुरुष वार्ड के साथ संचालित होता है, जहां 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के मरीज रोजाना इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर होने वाले हादसों के घायलों को भी प्राथमिक उपचार के लिए यहीं लाया जाता है। ऐसे संवेदनशील वार्ड में फैली गंदगी मरीजों की बीमारी को और बढ़ा रही है।

बजट नहीं मिलता, लापरवाहों पर होगी कार्रवाई: प्रभारी चिकित्साधिकारी

इस संबंध में सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि चादरों की धुलाई के लिए अस्पताल को कोई बजट नहीं मिलता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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