केन्या का शाकाहोला नरसंहार: 190 बच्चों की भुखमरी से हत्या के दोषी पादरी मैकेंजी समेत 29 को अदालत ने ठहराया गुनहगार

मोम्बासा। केन्या के इतिहास में धार्मिक अंधविश्वास और कल्ट (Cult) के नाम पर हुए सबसे दर्दनाक और भयावह शाकाहोला नरसंहार मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मोम्बासा की एक अदालत ने खुद को पादरी बताने वाले पॉल मैकेंजी और उसके 28 सहयोगियों को 190 बच्चों और एक वयस्क की बेरहमी से हत्या करने का दोषी करार दिया है। वर्षों से अपनों की तलाश और इंसाफ का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है, हालांकि उनके दिल का दर्द आज भी हरा है।

अदालत का यह फैसला आते ही 62 वर्षीय फ्रांसिस वांजे की आंखें नम हो गईं, जिन्होंने इस खौफनाक धार्मिक कल्ट के कारण अपनी बेटी और दो मासूम नाती-पोतों समेत परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया था। फैसले के बाद अपने सीने पर हाथ रखते हुए वांजे ने कहा, “मुझे पता है कि मेरे अपने अब कभी लौटकर नहीं आएंगे, लेकिन कम से कम अदालत से न्याय तो मिला।”

‘भगवान जीसस से मिलने के लिए बच्चों को भूखा मारो’: जानें क्या था मैकेंजी का खौफनाक मास्टरप्लान

यह मामला केन्या में अंधविश्वास और धार्मिक कट्टरता के सबसे भयावह उदाहरणों में से एक है। आरोपी पॉल मैकेंजी ने अपने अनुयायियों का इस कदर माइंडवॉश किया था कि लोग यह मानने लगे थे कि अगर वे अपने बच्चों को भूखा रखकर मार डालेंगे, तो उन्हें जीसस से मिलने का मौका मिलेगा।

मामले की सुनवाई करते हुए जज डायना कावेड्जा मोचाचे ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ लगे सभी आरोपों को साबित कर दिया है। मैकेंजी ने अपने फार्म हाउस पर ‘मौत का एक व्यवस्थित ढांचा’ तैयार कर रखा था। इस चरणबद्ध योजना के तहत सबसे पहले बच्चों को भूखा रखकर मारना था, इसके बाद किशोरों, महिलाओं और सबसे अंत में पुरुषों को अपनी जान देनी थी।

शाकाहोला के जंगल में मिलीं सैकड़ों कब्रें, अपनी ही मांओं ने मासूमों को रखा भूखा

इस भयावह कल्ट का भंडाफोड़ साल 2023 में तब हुआ, जब पुलिस ने शाकाहोला के घने जंगलों में बनी उथली सामूहिक कब्रों की खुदाई शुरू की। अब तक इस जंगल से 400 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से कई की पहचान आज तक नहीं हो पाई है।

अदालत में पेश किए गए सबूतों के मुताबिक, लोगों को केवल भूख से ही नहीं मारा गया, बल्कि कई मासूमों का दम घोंटा गया, गले दबाए गए और सिर पर भारी वार करके उनकी हत्या की गई। जज ने बताया कि कल्ट के भीतर लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह काट दिया जाता था। कट्टरता का असर इस कदर हावी था कि कुछ मासूम बच्चों को उनकी अपनी सगी मांओं ने ही भूखा रखकर मौत के मुंह में धकेल दिया।

6 नवंबर को होगा सजा का ऐलान, लंबे इंतजार के बाद पीड़ित परिवारों को मिला न्याय

अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी पादरी पॉल मैकेंजी और उसके 28 सहयोगियों को मिलने वाली सजा की घोषणा 6 नवंबर को की जाएगी। मुकदमे के दौरान अदालत में मौजूद मैकेंजी के 24 वर्षीय बेटे डैन (जो अपने पिता से अलग रहता है) ने भी फैसले पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि आखिरकार बेकसूर पीड़ितों को न्याय मिल गया है।

आपको बता दें कि पॉल मैकेंजी ने साल 2003 में ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च’ की शुरुआत की थी और देखते ही देखते हजारों लोग उसके बहकावे में आ गए थे। हालांकि, वह 2017 और 2019 में भी कई बार पकड़ा गया, लेकिन हर बार जमानत या सबूतों के अभाव में छूट जाता था। अप्रैल 2023 में मानवाधिकार संगठनों की सतर्कता के बाद पुलिस ने जब अभियान चलाया, तब इस वैश्विक स्तर पर हिला देने वाले नरसंहार की परतें उघड़ सकीं।

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