मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की 5 सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कई दिनों तक चले राजनीतिक सस्पेंस पर विराम लगाते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा ऐलान किया है। शिंदे ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे सचिन सानप को अपनी शिवसेना पार्टी का खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। सचिन सानप, कैबिनेट मंत्री उदय सामंत के बेहद करीबी माने जाते हैं और उनके ओएसडी (OSD) रह चुके हैं।
शिंदे के इस कदम से बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े की राहें कठिन हो गई हैं। महायुति के दो मुख्य घटकों (बीजेपी और शिंदे की शिवसेना) के आमने-सामने आने से अब पुणे शिक्षक सीट पर सीधी और दिलचस्प चुनावी जंग तय हो गई है।
शिवसेना कल से शुरू करेगी प्रचार अभियान, महायुति को झटका
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद शिवसेना कल से ही सचिन सानप के पक्ष में पूरे लाव-लश्कर के साथ चुनावी प्रचार अभियान का आगाज करने जा रही है। माना जा रहा है कि सीट बंटवारे और प्रत्याशी तय करने को लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रुख से शिंदे असहज थे, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देकर अपनी नाराजगी का स्पष्ट संकेत दे दिया है। इसे महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में महायुति गठबंधन के लिए एक बड़े रणनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
23 अक्टूबर को वोटिंग और 27 को आएंगे नतीजे: शिंदे बोले- “अपवाद छोड़ महायुति ही जीतेगी सभी 5 सीटें”
गठबंधन में मतभेदों की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखी। शिंदे ने कहा, “हम यह विधान परिषद चुनाव महायुति के रूप में ही लड़ रहे हैं। कुछ एक-दो सीटों को अपवाद मान लें तो पूरा गठबंधन साथ है और सत्ताधारी महायुति ही सभी पांचों सीटों पर जीत का परचम लहराएगी।”
उल्लेखनीय है कि राज्य की 5 विधान परिषद सीटों—पुणे ग्रेजुएट्स, नागपुर ग्रेजुएट्स, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स, पुणे टीचर्स और अमरावती टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। इन सीटों पर संबंधित क्षेत्रों के पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
सूखे की राहत और 5,000 की अग्रिम राशि पर विपक्ष को शिंदे का करारा जवाब
सूखे की स्थिति और किसानों को दी जा रही सरकारी मदद पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं का काम सिर्फ और सिर्फ सरकार की आलोचना करना रह गया है।
शिंदे ने तंज कसते हुए कहा, “शुरुआत में यही विपक्षी नेता सरकार से सूखा घोषित करने की मांग कर रहे थे। अब जब हमारी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पूरे राज्य में सूखा घोषित कर दिया है, तो ये नेता सरकार के फैसलों में कमियां निकालने में जुट गए हैं। यहां तक कि किसानों के खाते में ₹5,000 की अग्रिम सहायता राशि भेजने के जनहितैषी निर्णय पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस संकट के दौर में राजनीति को परे रखकर महाराष्ट्र के अन्नदाता किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों।



















