जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बड़ी कार्रवाई: यूट्यूबर ध्रुव राठी गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में, जामिया के छात्रों समेत 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

नई दिल्ली/गुरुग्राम। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के उनके गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा, जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों और विभिन्न संगठनों के 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से डिटेन (हिरासत में) किया है।

दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के बावजूद सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, कई राजनीतिक हस्तियों और विभिन्न छात्र संगठनों के जंतर-मंतर पर जुटने की घोषणा के बाद पूरी राजधानी को छावनी में बदल दिया गया है। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लुटियंस दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

तड़के 7:48 बजे घर में दाखिल हुई पुलिस, देर रात से तैनात थे 50 जवान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम शनिवार तड़के गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थिति सेंट्रल पार्क विहार पहुंची, जहां ध्रुव राठी का परिवार निवास करता है। सुबह करीब 7:48 बजे जब ध्रुव राठी की मां ने घर का मुख्य दरवाजा खोला, तब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई और उन्हें हिरासत में लेकर ले गई।

बताया जा रहा है कि एहतियाती कदम के तौर पर शुक्रवार देर रात से ही गुरुग्राम स्थित उनके आवास के बाहर दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के करीब 50 जवान तैनात कर दिए गए थे। पुलिस को इनपुट मिले थे कि ध्रुव राठी शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने वाले थे।

‘अनुमति नहीं है, अवैध रूप से शामिल होने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई’: नॉर्थ-ईस्ट DCP

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा पुख्ता करते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल अलवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस अनधिकृत प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।

डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया, “उत्तर-पूर्वी जिले में हमारे अपने 1200 पुलिस अधिकारी मुस्तैद हैं, जिनके साथ सुरक्षा बलों की दो अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। उत्तर प्रदेश और गाजियाबाद की ओर से दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर संदिग्ध वाहन की गहन जांच की जा रही है। CJP को प्रदर्शन करने की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं मिली है। हम यूपी से आने वाले वाहनों में सवार युवाओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को समझाकर वापस भेज रहे हैं। यदि कोई कानून का उल्लंघन कर अवैध रूप से भीड़ जुटाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है।”

 

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