जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास का बड़ा आरोप: ‘दिल्ली पुलिस ने लीक किया मेरा फोन नंबर, 1 घंटे में आए 300 से ज्यादा कॉल्स’

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक दस्तावेजों में उनका व्यक्तिगत मोबाइल नंबर लीक कर दिया गया है। इसके बाद से उन्हें लगातार अनजान नंबरों से स्पैम कॉल्स और व्हाट्सएप मैसेज आ रहे हैं, जिससे उनका फोन ठप पड़ गया है।

सौरव दास ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि महज एक घंटे के भीतर उन्हें 300 से अधिक फोन कॉल और संदेश प्राप्त हो चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक सुव्यवस्थित और समन्वित अभियान करार दिया है।

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक दस्तावेजों से नंबर उजागर होने का दावा

सीजेपी नेता सौरव दास के अनुसार, उनका फोन नंबर दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए उन प्रशासनिक पत्रों में दर्ज था, जिन्हें हाल ही में सार्वजनिक किया गया। इनमें पिछले प्रदर्शनों के दौरान जमा कराए गए अंडरटेकिंग फॉर्म (सहमति पत्र) और 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति निरस्त करने से संबंधित दिल्ली पुलिस का हालिया अस्वीकृति पत्र शामिल हैं।

दास का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा इन संवेदनशील दस्तावेजों को बिना किसी गोपनीयता या ब्लर (सुधारे) किए प्रसारित किया गया, जिससे उनका निजी संपर्क विवरण सार्वजनिक डोमेन में आ गया। हालांकि, फोन नंबर किसी साजिश के तहत साझा किया गया या यह एक तकनीकी चूक थी, इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मीडिया संस्थानों पर भी साधा निशाना, ‘पेंटागन पेपर्स’ से की तुलना

अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सौरव दास ने दिल्ली पुलिस के साथ-साथ उन मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर भी तीखा हमला बोला, जिन्होंने उनके फोन नंबर को धुंधला (redact) किए बिना उन सरकारी दस्तावेजों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया।

उन्होंने व्यंग्यात्मक शैली में लिखा कि मीडिया संस्थानों ने इन पत्रों को अपने हैंडल से इस तरह उतावलेपन में प्रसारित किया मानो उनके हाथ कोई ‘पेंटागन पेपर्स’ लग गए हों। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना न्यूनतम पत्रकारिता नैतिकता का पालन किए निजी जानकारी उजागर करने से उनकी निजता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन का आह्वान, सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े किए इंतजाम

यह पूरा विवाद उस समय सामने आया है जब सीजेपी ने 10 अक्टूबर को राजधानी के जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए निर्धारित समयसीमा (कम से कम 10 दिन पूर्व) का पालन नहीं किया गया और आवेदन 7 अक्टूबर को जमा किया गया था। इसके अतिरिक्त, पूर्व में हुए आंदोलनों के दौरान कानून-व्यवस्था के कथित उल्लंघन और लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होने की आशंकाओं को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू कर सुरक्षा सख्त कर दी है।

 

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