‘जनगणना नियम 2026’ में बड़ा संशोधन: अब प्राइवेट टीचर, बैंक कर्मी और क्लर्क भी बन सकेंगे एन्यूमेरेटर, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने देश में जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, व्यापक और सुचारू बनाने के उद्देश्य से ‘जनगणना नियम, 1990’ में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस ऐतिहासिक संशोधन के तहत जनगणना करने वाले कर्मचारियों (एन्यूमेरेटर) की पात्रता श्रेणी का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, बैंक कर्मचारी और विभिन्न प्रतिष्ठानों के क्लर्क व अधिकारी भी जनगणना कार्य में एन्यूमेरेटर के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

गृह मंत्रालय ने जारी किए ‘जनगणना (संशोधन) नियम, 2026’ गृह मंत्रालय ने ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ की धारा 18(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नए ‘जनगणना (संशोधन) नियम, 2026’ को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, अब सरकार, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त (Aided) या बिना सहायता वाली (Unaided) निजी संस्थाओं, सोसायटियों अथवा ट्रस्टों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी जनगणना एन्यूमेरेटर के रूप में नियुक्त किए जा सकेंगे।

इसके साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों, स्थानीय प्राधिकरणों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), वैधानिक निकायों, बैंकों, पंजीकृत कंपनियों, संस्थानों और सोसायटियों में कार्यरत क्लर्क व अन्य अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य का हिस्सा बनने के पात्र होंगे।

राज्य सरकारों को मिली विशेष छूट और नया प्रावधान संशोधित नियमों में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के प्रशासनों को यह विशेष अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार किसी भी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को एन्यूमेरेटर नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। इस संशोधन के माध्यम से ‘जनगणना नियम, 1990’ के नियम 3 के तहत दी गई तालिका में क्रम संख्या 5 पर मौजूद प्रविष्टियों को प्रतिस्थापित कर दिया गया है, जिससे पात्र श्रेणियों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

उल्लेखनीय है कि मूल जनगणना नियम सबसे पहले 31 दिसंबर, 1990 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुए थे, जिनमें इससे पूर्व 1994, 2009, 2018 और 2022 में भी संशोधन किए जा चुके हैं। यह नया ‘जनगणना (संशोधन) नियम, 2026’ आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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